संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। बीते दिन धूप खिलने के बाद एक बाद फिर से मौसम में परिवर्तन हो गया है। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और दिनभर 16 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चली। कई बार काली घटा भी छाई। लेकिन हवाओं के चलते बादल छट गए और बारिश भी नहीं हुई। जिले में धान की फसलों के लिए पर्याप्त मात्रा में बारिश नहीं हुई। जिससे किसान बारिश का इंतजार करते रहे। किसानों का मानना है कि बारिश होगी, तो धान की फसल में बढ़ोतरी होगी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान सार आठ जुलाई तक बारिश होने की संभावना है। गौरतलब है कि दो दिन पहले बारिश होने के लिए वीरवार को धूप खिल गई थी। जिसके बाद शुक्रवार को एक बार फिर से मौसम में बदलाव हुआ है। जिससे दिनभर बादलों के चलते छाया बनी रही और हवाओं के चलते भीषण गर्मी से राहत मिली। वहीं दिन भी किसान बारिश होने की बाट जोहते रहे। लेकिन बारिश नहीं हुई। विदित रहे कि दो दिन पहले हुई बारिश धान की फसलों के लिए पर्याप्त नहीं थी। किसानों का मानना है कि जब तक पर्याप्त बारिश नहीं होती तब तक धान की फसलों में बढ़ोतरी नहीं होती।
बारिश के बाद धान रोपाई के सीजन में आई तेजी-
बारिश के बाद धान रोपाई के सीजन में तेजी आ गई है। क्योंकि बारिश के इंतजार में आधे किसानों ने धान की रोपाई भी नहीं शुरू की थी। जिला में लगभग एक लाख से ज्यादा हेक्टेयर में धान की रोपाई का कार्य होना है। अब किसान 15 जुलाई के आसपास तक अगेती व पछेती किस्म की धान रोपाई कर लेंगे।
आठ जुलाई तक दिनभर बादल छाए रहने के साथ साथ गरज चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। छह जुलाई तक किसी भी दिन बारिश हो सकती है। जिससे किसानों को फायदा होगा। -डॉ. रमेश वर्मा, कैथल कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक