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Kaithal News: बाजार में राैनक, आज दीपोत्सव का उल्लास

Thu, 31 Oct 2024 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। दीपावली पर्व पर शहर के बाजार पूरी तरह से गुलजार हैं। पर्व की पूर्व संध्या पर बुधवार रात तक बाजारों में ग्राहकों की चहल-पहल देखी गई। वीरवार को सभी लोग हर्षोल्लास के साथ दीपोत्सव मनाएंगे। इस पर्व पर पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद है। रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, बाजार व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

उधर, अग्निकांड जैसी घटना से निपटने के लिए शहर में 10 दमकल विभाग की गाड़ियां लगाई हैं, जिनकी शहर में विभिन्न स्थानों पर ड्यूटी लगाई गई है। इनमें एक गाड़ी को तितरम मोड, वाल्मीकि सामुदायिक भवन सिरटा रोड के पास, ढांड, राजौंद, कलायत, चीका में 12 घंटे गाड़ी उपलब्ध रहेगी।
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इसके तहत ही करीब 50 कर्मियों को आपातकालीन सेवा के लिए लगाया गया है। वहीं, शहर में पटाखे की बिक्री पर बैन लगाया गया है।

दमकल विभाग के प्रभारी अनुसार जिले में चार दुकानदारों ने ग्रीन पटाखे बेचने की अनुमति ली है। खनौरी रोड, अंबाला रोड पर दुकानदार अपने गोदाम से ही कम प्रदूषण वाले पटाखे बेच सकते हैं। शहर में इनके अतिरिक्त कोई भी स्टॉल नहीं लगेगा।

छोटी दिवाली पर भी बाजार में पूरा दिन भीड़ का आलम रहा। इस दौरान शहर में पुराना बस स्टैंड से लेकर रेलवे गेट, भगत सिंह चौक से चंदाना गेट, कबूतर चौक से न्यू करनाल रोड और पुराना बस स्टैंड से पिहोवा चौक व पिहोवा चौक से पार्क रोड पर तक पूरा दिन जाम की स्थिति बनी। यातायात पुलिस कर्मी दिनभर जुटे रहे.
अग्निकांड की घटना से निपटने के लिए भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सभी कर्मचारियों की 12 घंटे ड्यूटी रहेगी। सभी कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी गई हैं।

कैथल शहर में सभी कस्बों में दमकल विभाग की गाड़ी व प्रत्येक गाड़ी पर दो कर्मचारी तैनात है। पुलिस के सुरक्षा को लेकर कड़े प्रबंध किए गए है। इसके तहत जहां बाजारों में यातायात पुलिस कर्मियों की ड्यूटियां लगाई गई हैं।
इस बार तीन शुभ मुहूर्त बन रहे
दीपावली का त्योहार 31 अक्तूबर वीरवार को मनाया जाएगा। दीपों का पर्व प्रदोषव्यापिनी अमावस्या में मनाया जाता है। इसमें उदया तिथि का लेना-देना नहीं होता। अमावस्या की शुरुआत 31 अक्तूबर को सूर्यास्त के साथ ही प्रदोष काल हो रहा है, जो एक नवंबर को शाम 6:16 बजे तक है। ऐसे में अमावस्या की तिथि 31 अक्तूबर को मानी जाएगी और दिवाली मनाई जाएगी।
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उन्होंने बताया कि दीपावली की प्रदोष काल और निशिता मुहूर्त में माता लक्ष्मी, कुबेर और गणेश जी की पूजा की जाती है। हनुमान वाटिका के पुजारी विशाल शर्मा के अनुसार लक्ष्मी पूजा करने से व्यक्ति के धन, संपत्ति, सुख और समृद्धि में बढ़ोतरी होती है। इस बार दीपावली कार्तिक अमावस्या तिथि का शुभारंभ 31 अक्तूबर दोपहर 03ः52 बजे से होगा, जोकि एक नवंबर शाम 06ः16 बजे तक रहेगा। इस बार लक्ष्मी पूजन के तीन शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। 31 अक्तूबर की रात को किसी भी समय में पूजन किया जा सकता है। वहीं राहूकाल लगने से अशुभ समय भी पड़ रहा है। दीपावली अशुभ समय राहुकाल देर रात 01ः23 बजे से रात 02ः46 बजे तक रहेगा।
दीपावली के मुहूर्त
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ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04ः47 बजे से सुबह 05ः39 बजे तक

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अभिजीत मुहूर्त सुबह 11ः39 बजे से दोपहर 12ः23 बजे तक

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विजय मुहूर्त दोपहर 01ः51 बजे से दोपहर 02ः35 बजे तक

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गोधूलि मुहूर्त शाम 05ः31 बजे से शाम 05ः57 बजे तक

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अमृत काल शाम 05ः32 बजे से रात 07ः20 बजे तक

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संध्या 05ः31 बजे से रात 06ः49 बजे तक

लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त

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लक्ष्मी पूजा का समय शाम 05ः12 बजे से रात 10ः30 बजे तक

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लक्ष्मी पूजा निशिता मुहूर्त रात 11ः39 बजे से देर रात 12ः31 बजे तक

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वृषभ लग्न शाम 06ः25 बजे से रात 08ः20 बजे तक
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