संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नगर परिषद की ओर से शहर में स्ट्रीट लाइटों का समाधान करने के लिए कवायद शुरू की गई थी। इसके तहत आठ महीने पहले ही करीब पांच हजार लाइटें आई थी। इसकी कीमत भी करीब एक करोड़ रुपये की थी। एक करोड़ रुपये की लाइटें खरीदने के बावजूद शहर के वार्डों में स्ट्रीट लाइटों की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
गौरतलब है कि मंगलवार को नगर परिषद की सदन की बैठक में स्ट्रीट लाइटों के मुद्दे पर पार्षदों ने खूब हंगामा किया था। इस दौरान पार्षदों ने उन्हें जरूरत के अनुसार स्ट्रीट लाइटें न देने का आरोप लगाया था। पार्षदों का आरोप है कि उन्हें वार्ड में लगाने के लिए अब तक केवल 65-65 लाइटें ही दी गई हैं जबकि एक वार्ड में 350 से 400 स्ट्रीट लाइटों की जरूरत है। पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि जब शुरूआत में नगर परिषद में लाइटें आई थी तो उस समय भी केवल 45-45 लाइटें दी गई है। इसके बाद मांग के बावजूद केवल 20-20 लाइटें ही दी गई हैं।
लोग हो रहे परेशान
वार्ड नंबर 28 के पार्षद मोहन लाल शर्मा ने बताया कि नगर परिषद ने 31 वार्डों में केवल 60 से 65 स्ट्रीट लाइटें दी हैं। जबकि एक पार्षद को उसके वार्ड में कम से कम 300 लाइटों की जरूरत है। शर्मा ने कहा हर बार नगर परिषद की सदन की बैठक में भी स्ट्रीट लाइटों के मुद्दे पर हंगामा होता है। इस हंगामे के बावजूद न तो लाइटों की समस्या का समाधान हो पा रहा है और न ही अन्य कोई विकास कार्य हो पा रहे हैं। इससे पार्षद खफा है, वे जिला प्रशासन से मांग करते हैं कि नगर परिषद के अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लें।
नगर परिषद की ओर से शहर में स्ट्रीट लाइटों का समाधान करने के लिए प्रयास लगातार जारी है। जहां पर नई लाइटों को लगाने की जरूरत है और जहां पर लाइटें बिल्कुल खराब हो चुकी हैं। वहां पर नई लाइटें लगाई जा रही हैं। इसके साथ ही जहां पर पार्षद लाइटों की मांग करते हैं। वहां पर पार्षदों को उनकी जरूरत के अनुसार लाइटें भी उपलब्ध करवाई जाती हैं। -कुलदीप मलिक, ईओ, नगर परिषद कैथल