संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिलेभर में बुधवार को भी उमस भरी गर्मी के बीच बारिश न होने से लोग परेशान रहे। करीब एक सप्ताह से बादलों की आंखमिचौनी जारी है और बारिश दगा दे रही है। लोगों का कहना है कि लगता है कैथल से मानसून रूठ गया है। अभी तक केवल कलायत, राजौंद आदि में बारिश ने दस्तक दी है।
बारिश न होने के कारण अब खेतों में कुछ समय ही लगाई गई धान पर गर्मी का प्रभाव पड़ने लगा है। किसानों के अनुसार अब यदि जल्द ही बारिश नहीं हुई तो रोपाई की गई धान की फसल के खराब होने का खतरा रहेगा।
प्रगतिशील किसान गुरदयाल सिंह ने कहा कि किसानों को बारिश का लंबे समय से इंतजार है, लेकिन अभी तक बारिश नहीं हुई है। बारिश न होने की स्थिति में हाल ही रोपी गई धान की फसल खराब होगी।
दिनभर चली हवाएं, लेकिन नहीं हुई बारिश-बुधवार को सुबह से लेकर शाम तक आसमान में बादल तो छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। उमस भरी गर्मी के बीच लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान 27.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया।पिछले काफी दिन से उमस के कारण बढ़ रही गर्मी के बीच लोग मायूस नजर आ रहें हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने कहा कि यदि बारिश होगी तो ही किसानों की ओर से धान की फसल की रोपाई में तेजी लाई जाएगी। इस सीजन में एक भी बार बारिश न होने से खेत सूख हैं।
डॉ. वर्मा ने कहा कि आगामी दिनों में मौसम परिवर्तन होने की संभावना है। अगले एक से दो दिन में तेज बारिश होने की संभावना है।