सीवन। भारत की सांस्कृतिक विरासत में सावन माह का विशेष स्थान है। इस माह में पर्यावरण संरक्षण से परंपराएं जुड़ी है। वृक्षरोपण, तुलसी पूजा, पवित्र नदियों में स्नान आदि होते हैं। ऐसे में सावन के महत्व को समझ परंपराएं अपनाने की जरूरत है।
इस माह में हरियाली तीज, नाग पंचमी जैसी परंपराएं शोभा बढ़ाती हैं, जिसमें स्त्रियां विशेष रूप से भाग लेती हैं। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में सावन की परंपराएं हमें प्रकृति से जुड़ने, आत्मिक शांति पाने और समाज से जुड़ाव बढ़ाने का अवसर देती हैं। इसलिए जरूरत है कि हम सिर्फ इन परंपराओं का पालन न करें, बल्कि इनका गूढ़ अर्थ भी समझें, ताकि हमारी संस्कृति जीवित रहे और अगली पीढ़ी को भी इसका लाभ मिले।
प्रस्तुति : ममता वधवा, समाजसेवी।