संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सरकार द्वारा जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए लगाए जा रहे समाधान शिविरों की जमीनी हकीकत दावों से उलट नजर आ रही है। महीनों से कटा हुआ राशन बहाल कराने और रुकी हुई पेंशन शुरू करवाने के लिए बुजुर्ग और गरीब परिवार दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें समाधान के नाम पर केवल अगली तारीख और आश्वासन ही मिल रहा है।
सोमवार को लघु सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर में भी यही स्थिति देखने को मिली। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि वे कई बार अपनी अर्जी लगा चुके हैं। हर बार अधिकारी कागजों की जांच कर उन्हें जल्द समस्या हल होने का भरोसा देते हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
कई लोगों के राशन कार्ड कट गए हैं, तो कुछ की पेंशन इनकम के गलत हवाले से रोक दी गई है। राशन डिपो पर जाने पर उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है क्योंकि मशीन में उनका डेटा नहीं दिख रहा। राशन कार्ड कटने से अब दो जून की रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है। इसी तरह कई लोग पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) की गलतियों को ठीक करवाने के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।
शिविर में जिला परिषद के सीईओ सुरेश राविश ने आमजन की समस्याएं सुनी और संबंधित अधिकारियों को जल्द समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का समयबद्ध निपटान आवश्यक है और किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। समाधान प्रकोष्ठ पोर्टल पर शिकायत निपटान की रिपोर्ट अपलोड की जाए ताकि डेटा अपडेट रहे और पारदर्शिता बनी रहे।
परिवार पहचानपत्र में अधिक आय दिखाई दे रही है, जिसके कारण लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। अधिकारियों का कहना है कि अधिक आय होने पर आर्थिक सहायता नहीं दी जा सकती। -सत्यवान, नंद सिंहवाला गांव
तीन-चार बार जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। राशन कार्ड कट चुका है और फैमली आईडी में बेटे की बहू का नाम जोड़ने के बावजूद इनकम अपडेट नहीं हुई। -पवन, पिंजपुरा गांव
छह महीने से राशन कार्ड कट चुका है। विधवा होने के कारण उन्हें लाभ नहीं मिल रहा। अधिकारियों ने चार दिन बाद आने को कहा। -बिमला, शुगर मिल बस्ती
पवन- फोटो : chineni news
पवन- फोटो : chineni news
पवन- फोटो : chineni news