संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में हरियाणा सरकार द्वारा निकाली जा रही चार विशाल यात्राओं में से एक यात्रा 21 नवंबर को कैथल जिले के धनौरी गांव में प्रवेश करेगी, जहां इसका भव्य स्वागत किया जाएगा। लघु सचिवालय के सभागार में बैठक की तैयारी के संबंध में प्रशासन और सिख समाज की हुई संयुक्त बैठक में यह जानकारी गुहला-चीका एसडीएम कैप्टन प्रमेश कुमार ने दी।
उन्होंने बताया कि यह यात्रा 8 नवंबर को सिरसा जिले के रोड़ी गांव से प्रारंभ हुई थी। उन्होंने कहा कि यात्रा के स्वागत के लिए सभी संबंधित विभाग और सिख समाज के प्रतिनिधि पूरी तत्परता से तैयारियां सुनिश्चित करें, क्योंकि यह आयोजन श्रद्धा, सम्मान और धार्मिक गरिमा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि यात्रा धनौरी से आरंभ होकर बरटा, सांघन, मालखेड़ी, पाड़ला, विश्वकर्मा चौक कैथल, पूंडरी सहित विभिन्न गांवों से होते हुए हाबड़ी पहुंचेगी, जिसके बाद इसका रात्रि विश्राम कैथल स्थित श्री गुरु नीम साहिब गुरुद्वारे में होगा।
अगले दिन यात्रा शहर के प्रमुख चौकों से होती हुई सीवन, पोलड़, कांगथली, डेरा कार सेवा तथा चीका से आगे निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि कैथल जिले की सीमा में प्रवेश करते ही यात्रा का भव्य और पारंपरिक स्वागत सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर स्वागत द्वार स्थापित किए जाएं। यात्रा मार्ग तथा संगत के ठहरने वाले स्थानों पर विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया जाए। उन्होंने यातायात व्यवस्था के सुचारू संचालन हेतु विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सुरक्षा प्रबंधों को लेकर भी पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में कैथल एसडीएम अजय सिंह भी मौजूद रहे।
गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को स्मरण करते हुए प्रशासन इस यात्रा को गरिमापूर्ण और सफल बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा गुरु साहिब की शिक्षाओं, त्याग और प्रेरणादायक संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का एक महान अवसर है। बैठक में कार्यकारी अभियंता वरुण कंसल, रेडक्रॉस चेयरपर्सन डॉ. बीरबल दलाल, तथा सिख समाज की ओर से अजीत सिंह, साहब सिंह, रणजीत सिंह आदि मौजूद रहे।