संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत रेलवे स्टेशन पर रेलगाड़ियों की कमी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर यात्रियों में रोष है। देवभूमि रेलयात्री अधिकार संघर्ष समिति के सदस्यों शंकर कौशिक, रामकुमार नायक आदि ने बताया कि इस समय कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव चल रहा है। भीड़ को देखते हुए रेल विभाग को स्पेशल ट्रेनें चलानी चाहिए थीं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
समिति सदस्यों ने कहा कि कोरोना काल में बंद की गई कुरुक्षेत्र–जींद रूट की सवारी गाड़ियां संख्या 54039 और 54042 अब तक शुरू नहीं की गई हैं, जबकि ये गाड़ियां सामान्य यात्रियों के लिए सबसे सुविधाजनक थीं। उनकी संस्था वर्षों से मंत्रियों, सांसद व मुख्यमंत्री तक ज्ञापन दे रही है, लेकिन मांगें अधूरी हैं।
उन्होंने बताया कि रायपुर–हिसार से अंब इंदौरा वाया चंडीगढ़ जाने वाली ट्रेन और उदयपुर–चंडीगढ़ ट्रेन के कलायत में ठहराव की मांग भी लम्बे समय से लंबित है। इस संबंध में समिति ने 20 जून को सांसद नवीन जिंदल को ज्ञापन सौंपा था। आश्वासन के बावजूद ठहराव अभी नहीं मिल पाया।
यात्रियों का कहना है कि इन ट्रेनों के ठहराव से चंडीगढ़, जयपुर व मेंहदीपुर बालाजी सहित कई गंतव्यों के लिए यात्रा आसान हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पौराणिक महत्व वाला कलायत तीर्थ यदि बेहतर रेल कनेक्टिविटी पा जाए तो यहां पर्यटन में भी वृद्धि होगी।
स्टेशन अधीक्षक जयवीर दीक्षित ने बताया कि न केवल कलायत, बल्कि कैथल और पिहोवा रोड रेलवे स्टेशनों पर भी शौचालय उपलब्ध नहीं हैं। इनका निर्माण करवाने को लेकर डीआरएम कार्यालय से लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
उम्मीद है कि जल्द कोई समाधान निकलेगा।
शौचालयों का अभाव
कलायत रेलवे स्टेशन पर प्रसाधन तो बने हैं, लेकिन वे जर्जर हालत में हैं। प्लेटफार्म पर शौचालय न होने से खासकर महिला यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। यात्रियों का कहना है कि दशकों से प्लेटफार्म पर शौचालय निर्माण की मांग हो रही है, पर समाधान नहीं हुआ।
संघर्ष समिति के सदस्यों ने बताया कि वे रेलवे गाड़ियों की बहाली, ठहराव और प्लेटफार्म शौचालयों की सुविधा को लेकर जल्द ही सांसद नवीन जिंदल से दोबारा मुलाकात करेंगे।
45कलायत का रेलवे स्टेशन