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Kaithal News: तितरम मोड़ पर दुर्घटना संभावित क्षेत्र का बोर्ड पर सफेद पट्टी का पता नहीं

Wed, 10 Dec 2025 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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तितरम मोड को जाने वाले रोड में हुए गहरे गड्डे। संवाद - फोटो : गंधकुटी में भ्रमण करते अनुयायी।
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फोटो- 21 से 23
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नरेंद्र पंडित

कैथल। जिले में कुल 11 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं, जहां बार-बार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। इनमें सबसे खतरनाक तितरम मोड़ को माना जाता है, जो शहर का प्रमुख दुर्घटना संभावित क्षेत्र बन चुका है। प्रशासन ने यहां केवल “दुर्घटना संभावित क्षेत्र है, कृपया धीरे वाहन चलाएं” का बोर्ड लगाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली है, लेकिन जर्जर सड़क की मरम्मत और दिशा बताने वाली सफेद पट्टियां बनाना भूल गया है।

हिसार–चंडीगढ़ हाईवे से नीचे उतरते समय वाहनों की तेज गति, व्यस्त चौक और भीड़ के कारण यहां दुर्घटनाओं की आशंका हमेशा बनी रहती है। अब मौसम बदल रहा है और धुंध में गहरे गड्ढे और रोड लाइनिंग न होने के कारण वाहन चालकों के सामने खतरा खड़ा हो जाता है, जिससे लगातार हादसे हो रहे हैं।
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शहर से तितरम मोड़ तक लगभग आठ किलोमीटर लंबा जींद रोड बदहाली का शिकार है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे मौजूद हैं, जो कभी भी वाहन का संतुलन बिगाड़ सकते हैं, लेकिन इस ओर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। संकेतक बोर्ड जरूर लगाए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सड़क सुधार कार्य नदारद है।





रोजाना 15–20 हजार वाहनों की आवाजाही, अव्यवस्थाएं बन रहीं हादसों की वजह



कैथल से असंध, जींद, भिवानी, हांसी, रोहतक, हिसार और राजस्थान जाने वाले सभी भारी और हल्के वाहन तितरम मोड़ से होकर गुजरते हैं। अनुमान के अनुसार रोजाना 15 से 20 हजार वाहन यहां से निकलते हैं। भारी ट्रैफिक और सड़क पर पग-पग पर मौजूद गड्ढे लोगों की जिंदगी के साथ खुला खिलवाड़ कर रहे हैं।



इन हादसों के पीछे प्रशासन की उदासीनता और लचर कार्यप्रणाली को मुख्य रूप से जिम्मेदार माना जा रहा है। रोड सेफ्टी की बैठकों में किए जाने वाले दावे धरातल पर फेल नजर आते हैं। कोहरे के मौसम में गड्ढे और सफेद पट्टियों की अनुपस्थिति हादसों को और बढ़ा सकती है।



ये हैं जिले के ब्लैक स्पॉट



जिले में 11 स्थानों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है, जहां सर्दी के मौसम में धुंध के कारण सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इनमें तितरम मोड़, पाडला रोड बाइपास, करनाल–कैथल चौक, सेक्टर 19–20 को ढांड रोड से जोड़ने वाला मार्ग, विश्वकर्मा चौक, तेजीमान चौक, ढांड रोड चौक, अंबाला रोड बाइपास चौक, अनाज मंडी चीका चौक, कलायत का कैंची चौक, ढांड का पंचमुखी चौक, गांव पाडला का मुख्य चौक और कांगथली से सीवन की ओर जाने वाला मार्ग शामिल है।
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इस वर्ष हुए सड़क हादसे और मौतों का आंकड़ा



जनवरी – 24 हादसे, 17 मौतें

फरवरी – 25 हादसे, 12 मौतें

मार्च – 30 हादसे, 20 मौतें

अप्रैल – 24 हादसे, 10 मौतें

मई – 31 हादसे, 23 मौतें

जून – 29 हादसे, 14 मौतें

जुलाई – 23 हादसे, 14 मौतें

अगस्त – 18 हादसे, 14 मौतें

सितंबर – 20 हादसे, 13 मौतें

अक्तूबर – 35 हादसे, 22 मौतें

नवंबर – 32 हादसे, 22 मौतें



प्रशासन का पक्ष



लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता सुरेंद्र कुमार ने बताया कि इस सड़क के नवनिर्माण के लिए नववर्ष में बजट मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता अनुसार पैच वर्क समय-समय पर कराया जाता है और सफेद पट्टी लगाने का कार्य भी प्रगति पर है।

तितरम मोड को जाने वाले रोड में हुए गहरे गड्डे। संवाद- फोटो : गंधकुटी में भ्रमण करते अनुयायी।

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