संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। हनी ट्रैप मामले में पुलिस की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि रुपयों के लालच में आरोपी महिला ने नाबालिग बेटी की आड़ में किया था पीड़ित को ब्लैकमेल किया। महिला और उसके साथी को मंगलवार दोपहर के समय सीजीएम विनोद कुमार की अदालत में पेश किया गया।
अदालत ने महिला के साथी को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया वहीं महिला को पूछताछ के लिए तीन दिन के रिमांड पर पुलिस को दिया है।
गौरतलब है कि बीते सोमवार को शहर थाना की पुलिस ने महिला और उसके साथी को 50 हजार रुपये लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। आरोपियों पर बीएनएस की 308 (2) और 308 (7) के तहत केस दर्ज किया गया था।
यह है मामला ः जिस महिला को उसके साथी सहित शहर थाना की टीम ने गिरफ्तार किया है। उस महिला ने छह अप्रैल 2025 को अपनी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। इसमें महिला ने मार्च माह में उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। फिर आरोपी की पत्नी ने महिला पर उसके पति को रुपयों के लिए ब्लैकमेल करने की शहर थाना की पुलिस को शिकायत दी थी। इस पर कार्रवाई करते हुए शहर थाना की पुलिस टीम ने सोमवार शाम के समय शहर के चिल्ड्रेन पार्क से महिला व उसके दोस्त शहर निवासी सुशील को 50 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई शहर थाना की प्रभारी इंस्पेक्टर गीता रानी की टीम ने की थी।
इस केस को वापस लेने की मांग पर महिला ने आरोपी युवक से करीब तीन लाख रुपये की मांग की थी। यही नहीं आरोपी 80 हजार रुपये महिला को दे भी चुका था। इसके बाद आरोपी ने महिला को 50 हजार रुपये दिए तो उसे पुलिस की टीम ने काबू कर लिया।
शहर थाना की प्रभारी इंस्पेक्टर गीता रानी ने बताया कि इस मामले में महिला व उसके दोस्त के खिलाफ रुपये ऐंठने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता के तहत 308 (2) और 308 (7) के तहत केस दर्ज किया गया था। मंगलवार दोपहर बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। जहां कोर्ट ने महिला आरोपी का तीन दिन का पुलिस रिमांड दिया है जबकि उसके साथी को जेल में भेज दिया है।