कलायत। भारतीय किसान यूनियन की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर रविवार को आपात बैठक कलायत अनाज मंडी स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय परिसर में हुई। इसकी अध्यक्षता खंड प्रधान जिले सिंह मोर ने की। बैठक में किसान नेता सुखपाल मोठसरा को श्रद्धांजलि दी गई। बैठक मेंं मुख्य रूप से भाकियू प्रांतीय महासचिव जियालाल व गुरनाम सिंह सहारण उपस्थित रहे।
इस दौरान किसानों की लंबित मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चे के फैसले के अनुसार 26 जनवरी को कलायत में किसान चौक से एसडीएम कार्यालय तक ट्रैक्टर यात्रा निकालने की रूप रेखा तैयार की। उन्होंने मांग की कि नई राष्ट्रीय कृषि नीति को वापिस लिए जाए। इस नीति के अंदर सरकार पुरानी मंडियों को खत्म करके प्राइवेट मंडियों को बढ़ावा देना चाहती है। इससे जो सरकारी मंडियां और मार्केट कमेटियां खत्म हो जाएंगी। कंपनियों की ओर से किसानों की फसलों को खरीदा जाएगा। मंडी खत्म होने से आढ़ती, पल्लेदार, सफाई, मुनीम, रेहड़ी व संबंधित विभिन्न वर्गों के रोजगार विपरीत असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि किसान व मजदूरों पर जो कर्जा है बिना शर्त पूर्ण माफ किया जाए। लखीमपुर खीरी हत्याकांड के दोषियों को सजा दी जाए। मृतकों को मुआवजा व प्रति एक परिवार को सरकारी नौकरी हो। भूमि अधिग्रहण बिल 2013 वाला कानून लागू किया जाए, बिजली संशोधन कानून जो 2024 में पास किया है। इसको वापस किया जाए व जो स्मार्ट मीटर लगाने का निर्णय वापिस हो। पराली जलाने का हवाला देते हुए प्रदूषण के नाम से बनाए गए मामले निरस्त हों और मनरेगा को कृषि के साथ जोड़ा जाए। मनरेगा मजदूरों की मजदूरी 600 प्रतिदिन की जाए। इस मौके पर सुरेंद्र चौशाला, कृष्ण मोर, इंद्र सिंह, प्रीतम सिंह, लहरी मटौर, हरनेक सिंह, बीरा राम, मान सिंह कमालपुर, जगदीश, दिलबाग सिंह व इंद्र चौशाला के अलावाकई किसान मौजूद रहे।