पानीपत। सीआईए-टू के तत्कालीन थाना प्रभारी एक माह में दूसरी बार निलंबित किए गए हैं। पहले जिला जज के निरीक्षण के दौरान थाने का मुख्य गेट नहीं खुलने के मामले में और फिर नशा तस्करों से 30 लाख की सौदेबाजी करने में। शायद यह पहली बार है जब चंद दिनों के अंतराल में ही कोई थाना प्रभारी दो बार निलंबित किया गया है।
दरअसल, चार मई को सीआईए-टू थाने का निरीक्षण करने जिला जज पहुंचे थे, लेकिन थाने का मुख्य गेट नहीं खोला गया था। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने सीआईए-टू प्रभारी सौरभ, सब इंस्पेक्टर जयवीर और मुंशी को निलंबित कर दिया था, जबकि गेट पर तैनात एसपीओ को बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद थाने में एंटी नारकोटिक्स सेल के प्रभारी संदीप को तैनात किया गया है। वहीं नौ मई को सीआईए-टू की टीम ने नशा तस्करों को काबू कर 30 लाख रुपये की सौदेबाजी की थी। धरे गए एक आरोपी को छोड़ने के एवज में 22 लाख रुपये वसूल लिए गए, जबकि आठ लाख रुपये अभी लेने थे। इस संबंध में जानकारी मिलने पर एसपी ने जांच कराई। साथ ही छोड़े गए नशा तस्कर को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो सीआईए-टू समेत पांच पुलिसकर्मियों की करतूत उजागर हुई। इसके बाद एसपी ने पांचों आरोपियों को निलंबित कर दिया है।
विदित हो कि नशा तस्करों को बचाने में पहले भी सीआईए टीम इससे पहले भी फंस चुकी है। बीते साल समालखा खंड के राक्सेड़ा गांव में नशे की मोटी खेप पकड़ी गई थी। इसमें भी पुलिस ने तस्करों को बचाने के लिए मोटा खेल खेला था। पुलिस अधीक्षक ने उस समय सीआईए पर बड़ी कार्रवाई की थी। इसमें मुकदमा भी दर्ज कराया गया था।