गुहला-चीका। सरकारी अस्पताल गुहला में जन्म प्रमाणपत्रों में कथित घोटाले को लेकर सिविल सर्जन की ओर से बनाई गई टीम ने जांच शुरू कर दी है। वीरवार को टीम में डॉ. विकास भटनागर, डॉ. गौरव पूनिया व रणधीर सिंह गुहला अस्पताल पहुंचें। टीम के सदस्यों ने गुहला अस्पताल में इस मामले से संबंधित फाइलों को जांचा और अस्पताल स्टाफ सदस्यों के बयान दर्ज किए।
घटनाक्रम के अनुसार, 15 जून 2022 को सरकारी अस्पताल गुहला में 2007 व 2008 के जन्म रिकार्ड में गड़बड़ी को लेकर एक शिकायत प्राप्त हुई थी। इस शिकायत की जांच के लिए वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी ने एक जांच कमेटी गठित की थी। जांच टीम ने जांच में पाया कि 2007 व 2008 के जन्म रिकार्ड में भारी गड़बड़ी की है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जन्म की लेट फाइलों का रजिस्ट्रेशन एसडीएम की अनुमति के बिना ही अपने स्तर पर कर दिया।
इसके साथ साथ जांच कमेटी ने पाया था कि रजिस्टर में कई नंबर खाली छोड़े गए थे और जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में साफ लिखा है कि इन खाली छोड़े गए नंबरों में बाद में कभी भी जन्म का रजिस्ट्रेशन किया जाता रहा होगा। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में अंत में लिखा है कि यह पहली नजर में भ्रष्टाचार का मामला बनता है, इसलिए इसकी जांच उच्च स्तरीय अधिकारियों द्वारा करवाई जानी चाहिए।
इस संबंध में तत्कालीन वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी गुहला ने मामले के बारे में सूचित करने एवं उच्चाधिकारियों से जांच के लिए 10 अगस्त 2022 को यह पत्र लिखा था। बताया जा रहा है कि यह पत्र कैथल उच्चाधिकारियों तक पहुंचने से पहले ही लापता हो गया। उधर, गुहला सरकारी अस्पताल की तत्कालीन एसएमओ डॉ. प्रीति सिंगला ने कहा कि उन्होंने अपनी टिप्पणी के साथ वह पत्र उच्चाधिकारियों को जांच के लिए भेजा था। इसके बाद उक्त पत्र का क्या हुआ, इस बारे में वे कुछ नहीं बता सकती, क्योंकि अब उनकी ड्यूटी गुहला ना होकर राजौंद में है। इस संबंध में वर्तमान एसएमओ या अन्य अधिकारी ही कुछ बता सकते हैं।
गुहला अस्पताल में जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े रिकार्ड की बारीकी से जांच की। एसडीएम कार्यालय से जारी की गई कई फाइलों की क्रास चेकिंग की गई है। ऐसी सौ से सवा सौ फाइलें हैं। जांच पूरी करके उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इस मामले में किस स्तर पर गड़बड़ी की गई है यह जांच के बाद ही पता चल सकेगा।
डॉ. गौरव पुनिया, अतिरिक्त जिला रजिस्ट्रार कैथल।