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Kaithal News: जांच के लिए अधिकारियों का इंतजार कर रही टीम

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संवाद न्यूज एजेंसी
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कलायत। कलायत निवासी राधेश्याम प्रजापति की शिकायत पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सर्कल कैथल कार्यालय की 27 जनवरी को होने वाली जांच से विभाग के अधिकारियों में हडक़ंप है। विभाग की स्टेट विजिलेंस टीम जांच शुरू करने के लिए अधिकारियों के आने का इंतजार कर रही है। इसके साथ ही शिकायकर्ता हर स्तर पर मामले की मजबूती से पैरवी में लगा है। जबकि जिन 11 अधिकारियोंं व 7 एजेंंसियों को राधेश्याम द्वारा जांच के घेरे में लगाया गया है शायद यही वजह है कि स्टेट विजिलेंस मुख्यालय पंचकूला पर होने वाली जांच कार्यवाही पहले 15 जनवरी और इसके बाद 19 जनवरी को टल चुकी है। इसका कारण जांच में शामिल होने के लिए तलब किए जाने वाले अधिकारियों का छुट्टी पर चले जाना है।
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सोशल मीडिया पर लगातार केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पक्ष में प्रचार करने वाले राधेश्याम प्रजापति ने विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। इसके मद्देनजर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की स्टेट विजिलेंस द्वारा इस मामले की जांच की जानी है। प्रजापति का आरोप है कि विजिलेंस जांच अधिकारी लगातार तारीख तय कर रहे हैं। लेकिन आदेशों की पालना करने की बजाए संबंधित अधिकारी छुट्टी पर छुट्टी लेकर इधर-उधर दबाव बनाने के लिए बैठक कर रहे हैं। इसके पुख्ता सबूत अपने पास होने का बड़ा दावा शिकायतकर्ता ने किया है। उनका कहना है कि मामले से पीछे हटने के लिए अधिकारियों का एक दल उनके आवास पर भी पहुंचा था। इनका पूरा विवरण उनके पास उपलब्ध है। इस प्रकार की स्थिति से जाहिर होता है कि अधिकारी जांच से बचकर भ्रष्टाचार को छिपाना चाहते हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओंं का कहना है कि यदि वास्तव में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप सही हैं तो जांच में देरी जनता के हितों के साथ खिलवाड़ है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, पंचकूला द्वारा राधेश्याम प्रजापति को जांच की तिथि तीसरी बार निर्धारित करने की सूचना दी गई है। सुनवाई की तिथि 27 जनवरी को निर्धारित की गई। यह सुनवाई मुख्य सतर्कता अधिकारी-सह-मुख्य अभियंता (कार्य), जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, हरियाणा के पंचकूला कार्यालय में आयोजित की जाएगी। राधेश्याम प्रजापति ने बताया कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में प्रभावी कार्यवाही एवं जांच के लिए उन्होंने सीएम नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के साथ-साथ शीर्ष अधिकारियों को अलग से पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की जांच कार्यवाही को वीडियोग्राफी के माध्यम से पूर्ण करने की मांग की है।
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