कैथल। जिले में सर्द हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। जिले में बुधवार को पूरे दिन धूप में भी ठंडक महसूस होती रही। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अभी कुछ दिन और ऐसी ही ठिठुरन रहेगी। इसके बाद शीतलहर चलने से दिन में ठंड के बढ़ने के आसार हैं। बुधवार को अधिकतम तापमान 21.3 डिग्री जबकि न्यूनत 9.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पिछले चार दिनों से तेज पछुवा हवाएं चल रही हैं। इससे ठंड बढ़ती जा रही है। दिसंबर शुरू होते ही ठिठुरन भी महसूस होने लगी है।
जिले में सुबह करीब आठ किलोमीटर की रफ्तार से सर्द हवा चली। इससे लोगों की कंपकंपी छूट गई। दिन चढ़ने के साथ हवा की गति भी बढ़ती रही। दोपहर में पछुवा हवाओं के कारण धूप के बीच भी ठिठुरन का अहसास होता रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल अभी कुछ दिन ठंड से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। अभी तीन चार दिन अधिकतम तापमान 20 से 25 डिग्री के आसपास बना रहेगा। न्यूनतम तापमान भी 10 डिग्री से नीचे रहेगा। पहाड़ों से आने वाली सर्द हवा चलने की वजह से ठंड बढ़ेगी। मौसम एक बार फिर करवट बदलने लगा है। इससे लोगों को सुबह ठंड व दिन में गर्मी का एहसास हो रहा है लेकिन अब पछुआ हवा चलने से लोगों को धूप में भी ठंड का सामना करना पड़ा। सुबह से ही घना कोहरा छाया रहता है जिससे पूरे दिन ठंड का अहसास होने लगता है। दिन में तेज धूप खिला तो लोगों ने राहत की सांस ली। शाम होते ही फिर हवाएं ठंड का एहसास कराती रही।
किसानों का कहना है कि तापमान में गिरावट से गेहूं की बिजाई और पहले से उग चुकी फसलों की वृद्धि में मदद मिलेगी। ठंड रबी फसलों के उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार लाने में भी सहायक होगी। कृषि विभाग के अनुसार दिसंबर के पहले सप्ताह से तापमान में गिरावट गेहूं, सरसों, चना और सब्जियों की बढ़वार के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
जिले में अब आए दिन ठंड बढ़ रही है जिससे उत्तर और पश्चिमी हरियाणा में अलसुबह हल्की धुंध व मध्यम धुंध रहने की संभावना है। जिले का एक्यूआई 135 दर्ज किया गया है। उत्तर और उत्तर-पश्चिमी शीत हवा हल्की से मध्यम गति से चलने की संभावना है, जिससे सुबह-शाम ठंड बनी रहेगी और दिन में धूप खिली रहने की संभावना है। इस दौरान राज्य में अधिकतम तापमान 23 से 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 6 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। बीच-बीच में हल्के बादल और रात्रि तापमान में थोड़ी वृद्धि हो सकती है लेकिन अब रात में ठंड बढ़ने के आसार बन रहे है। -डॉ. रमेश चंद्र वर्मा, कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष