कलायत में सिरसा ब्रांच नहर से सटी पूंडरी ड्रेन से नेशनल हाई-वे स्थित राधा स्वामी सत्संग भवन तक रातों-रात चार हजार फुट लंबी ट्रैंच लाइन बिछाने पहुंचे प्रशासनिक अमले को किसानों के भारी विरोध के चलते बैरंग लौटना पड़ा।
सोमवार सायं सजूमा रोड के साथ लगती पूंडरी ड्रेन पटरी पर पूरा करने के लिए नायब तहसीलदार आशीष कुमार और जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता गौरव कांसल, सिंचाई विभाग एसडीओ प्रदीप श्योकंद, तकनीकी एसडीओ सुमित मौण सहित प्रशासनिक अमला पुलिस सुरक्षा के बीच पानी निकासी के लिए खुदाई कार्य करने पहुंचे। इसकी जानकारी मिलते ही आस-पास के गांवों के किसान मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि बगैर किसानों से विचार-विमर्श किए रात के अंधेरे में इस प्रकार ट्रैंच लाइन बिछाना गलत है। इस लाइन से पानी निकासी की बजाए कृषि और आवासीय क्षेत्र समस्या विकराल होगी।
मोहन सिंह, मोहित सन्नी, गोपाल, विनोद, प्रदीप, जनक सिंह, सुखदेव, महिपाल, राजेश, रामबीर, सोमपाल, सतपाल, घीसा राम, महावीर, वीरेंद्र, कलेक्टर और अन्य किसानों ने कहा कि पानी का बहाव इसके बिलकुल विपरीत है। इसलिए प्रशासन को नई लाइन बिछाने की बजाए नेशनल हाईवे के पास से कपिल मुनि ड्रेन और अन्य संसाधनों के जरिए निकासी की योजना को सिरे चढ़ाना चाहिए। लोगों के विरोध को देखते हुए प्रशासनिक अमला वापस लौट गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट आशीष कुमार और गौरव कांसल ने बताया कि ट्रैंच लाइन बिछाने की कार्रवाई को रोक दिया गया है। सभी के सुझावों व तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निकासी का कार्य अन्य विकल्पों से पूरा किया जाएगा।
अधिकारियों की हुई बैठक
मंगलवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक में नायब तहसीलदार आशीष कुमार, सिंचाई विभाग एसडीओ प्रदीप श्योकंद, कनिष्ठ अभियंता मोहित धीमान, जन स्वास्थ्य विभाग एसडीओ कुलदीप गिल, कनिष्ठ अभियंता अजय ढुल, नगर पालिका सचिव पवन कुमार और अन्य विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। एसडीएम सुशील कुमार ने बताया कि डोबी तालाब की भूमिगत निकासी योजना की तरह किसानों द्वारा बिछाए गए पाइपों पर मोटर की व्यवस्था कर समस्या का निवारण होगा। नेशनल हाईवे होते हुए कपिल मुनि ड्रेन में पानी छोड़ने की योजना सिरे चढ़ाने को कहा गया है।