संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक और सत्ता पक्ष इस बजट को ऐतिहासिक बता रहा है तो विपक्ष का सीधे तौर पर कहना है कि बजट में कुछ नहीं है। किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग की अनदेखी की गई है।
यह बजट समाज के हर वर्ग—किसान, मजदूर, युवा, महिला, व्यापारी और कर्मचारी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। ग्रामीण विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है। सड़कों के निर्माण व मरम्मत, पेयजल व्यवस्था के विस्तार, सिंचाई सुविधाओं में सुधार और पंचायत स्तर पर विकास कार्यों के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं।
-सतपाल जांबा, विधायक, पूंडरी
वर्ष 2026-27 का बजट जनहितैषी है। यह किसानों, युवाओं और व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और ‘विकसित हरियाणा’ के संकल्प को सिद्ध करेगा। इसमें हर वर्ग का ध्यान रखा गया है और यह प्रदेश के विकास में नया अध्याय जोड़ेगा। -ज्योति सैनी, जिलाध्यक्ष, भाजपा
यह बजट जनविरोधी और आंकड़ों का खेल है। इसमें कुछ भी नया नहीं है। किसानों, युवाओं और आम जनता को कोई बड़ी राहत नहीं दी गई। महंगाई, बेरोजगारी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुधार के लिए ठोस प्रावधान नहीं हैं। महिला, मजदूर और मध्यम वर्ग के लिए भी कोई स्पष्ट नीति नजर नहीं आती। - रामपाल माजरा, प्रदेश अध्यक्ष, इनेलो
2.23 लाख करोड़ रुपये का बजट 2026-27 दिशाहीन और दिखावटी है। यह किसानों, युवाओं, मजदूरों और आम नागरिकों की असली समस्याओं को नजरअंदाज करता है। प्रदेश कर्ज के बोझ तले दब रहा है। यह विकास नहीं, बल्कि कर्ज की गुलामी की ओर बढ़ने जैसा है।
- आदित्य सुरजेवाला, विधायक, कैथल