संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। तुलसी पूजन दिवस पर वीरवार को कलायत नगर में अनेक स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने बड़े श्रद्धा और आस्था के साथ तुलसी पूजन कर हिंदू संस्कृति की जड़ों को पोषित किया।
पंडित विशाल शांडिल्य के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में मां तुलसी की सामूहिक पूजा की गई। फिर आरती और भोग अर्पित कर प्रसाद बांटा। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष चंद्रभान मित्तल ने कहा कि हिंदू धर्म में तुलसी को माता लक्ष्मी का रूप माना जाता है। कहा कि मान्यता है कि जिन घरों में तुलसी का पौधा होता है वहां से नकारात्मक ऊर्जा सदा दूर भागती है
श्री कपिल मुनि मंदिर में कार्यक्रम में मुख्य पुजारी संजय शास्त्री ने बताया कि हिंदू कैलेंडर के कार्तिक महीने में तुलसी पूजन का विशेष महत्व है। कार्तिक मास में तुलसी पूजा और दान से बढ़कर कोई दान नहीं होता। देवी तुलसी को आठ नामों—वृंदावनी, वृंदा, विश्वपूजिता, विश्वपावनी, पुष्पसारा, नंदिनी, कृष्णजीवनी और तुलसी—से जाना जाता है। विवाह करने से तुलसी पूजा का पुण्य कन्या दान के समान होता है।
संजय शास्त्री ने बताया कि जिन घरों में तुलसी का पौधा होता है और नियमित पूजा व दीपक जलाया जाता है वहां सदैव मां लक्ष्मी का वास रहता है। इस अवसर पर विहिप जिलाध्यक्ष चंद्रभान मित्तल, उपाध्यक्ष बीरभान निर्मल, नीरज मित्तल, जिला सहमंत्री सत्यवान, विशाल शांडिल्य, अनिरुद्ध गौतम, संजय शास्त्री, रघुबीर शास्त्री, राजेंद्र शांडिल्य, कृष्ण ढुल, विकास ठाकुर, पवन मोर, अनुराधा शर्मा, असीम आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।