संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी (कैथल)। एक साल पहले डंकी रूट से अमेरिका गए मोहना गांव के युवक युवराज के साथ मारपीट और धमकाने का एक वीडियो इन दिनों इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो पुराना बताया जा रहा है, क्योंकि युवराज की मौत चार मार्च को हो चुकी है। वीरवार को गांव मोहना में उसकी अंतिम क्रियाओं का समापन (शोकसभा) किया गया।
पूरा मामला पूंडरी खंड के गांव मोहना का है, जहां एक परिवार एजेंटों के झांसे में आकर न केवल लाखों रुपये गंवा बैठा, बल्कि अपने इकलौते बेटे को भी खो दिया। युवराज के पिता कुलदीप सिंह ने एक साल पहले बेटे को एजेंटों के माध्यम से अमेरिका भेजा था। रास्ते में एजेंटों ने उसे डोंकरों (किडनैपरों) के हवाले कर दिया। युवराज और अन्य युवक के साथ मारपीट कर वीडियो बनाया गया और परिजनों से फिरौती के रूप में डॉलर ऐंठ लिए गए।
एजेंटों ने परिवार को लगातार यह कहकर बहलाया कि युवराज सुरक्षित है। इसी बीच युवराज के परिजनों ने अन्य एजेंटों से संपर्क कर जानकारी जुटाने की कोशिश की। डोंकरों ने उन्हें युवराज की मौत की पुष्टि करने के लिए चार लाख रुपये और मांगे, जिसके बाद उन्हें वीडियो और सबूत दिए गए।
परिजनों ने गुरुवार को गांव में अंतिम अरदास की, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
मार्च 2025 में दी थी पुलिस को शिकायत
गांव मोहना निवासी कुलदीप सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसने बेटे युवराज को अमेरिका भेजने के लिए कुछ एजेंटों से संपर्क किया था। एजेंटों ने कहा था कि वे जहाज के जरिये सीधे अमेरिका भेजेंगे और इसके लिए 41 लाख रुपये की डील तय हुई।
सितंबर 2024 में एजेंटों ने पासपोर्ट ले लिया और कहा कि पैसे तभी देने हैं जब युवराज अमेरिका पहुंच जाएगा।
13 अक्तूबर 2024 को युवराज भारत से रवाना हुआ और 17 अक्तूबर को एजेंटों ने टिकट आदि के नाम पर 16 लाख रुपये की मांग की, जो एजेंट नवजोत सिंह को दे दिए गए। बीच-बीच में एजेंट युवराज के परिवार से बात करवा देते थे, जिससे परिवार को भरोसा बना रहा।
डोंकरों ने वीडियो भेजकर मांगी थी फिरौती
दिसंबर 2024 में युवराज के पिता को एक अनजान नंबर से संदेश मिला कि उनका बेटा ग्वाटेमाला में अगवा कर लिया गया है और उसे छुड़ाने के लिए 20 हजार डॉलर की फिरौती मांगी जा रही है।
कुछ देर बाद डोंकरों ने वीडियो भेजा, जिसमें युवराज के साथ पंजाब का एक युवक भी दिखाई दे रहा था। वीडियो में दोनों परिजनों से रो-रोकर मदद की गुहार लगा रहे थे। एजेंटों से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि युवराज सुरक्षित है और वे उसे छुड़ा लेंगे, लेकिन वह झूठ निकला।