कैथल। रोडवेज का बेड़ा बढ़ने के बाद अब कैथल डिपो में अब 142 चालक व परिचालक मिल चुके हैं। ये परिचालक ऑनलाइन तबादला नीति शुरू होने के बाद मिले हैं। अब नए बस स्टैंड पर इन परिचालकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, कैथल डिपो से 51 चालक व सात परिचालक कार्यमुक्त भी हो चुका है। बस स्टैंड के कार्य निरीक्षक के कार्यालय में चालक व परिचालकों का अपनी नियुक्ति के लिए पहुंचना जारी है। कार्य निरीक्षक के कार्यालय में वे अपनी नियुक्ति ले रहे हैं।
दो दिन में 40 से परिचालक व 30 चालक पहुंचे - कैथल डिपो में अब 142 चालक व परिचालकों के आने के बाद दो दिन में 40 परिचालक व 30 चालक पहुंच गए हैं। अभी करीब 80 चालकों व परिचालकों की नियुक्त होना बाकी है। उम्मीद है 31 मई तक डिपो में तबादला नीति के तहत आए चालक परिचालक अपना कार्यभार संभाल लेंगे।
गौरतलब है कि अब कैथल डिपो के रोडवेज बेड़े में बसों की संख्या कुल 194 पर पहुंच चुकी है। इसके बाद अब लंबे रूटों सहित अन्य लोकल रूटों पर बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
रोडवेज के महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया कि कैथल डिपो में 142 चालक व परिचालक तबादला नीति के तहत आए हैं। इन्होंने अपना कार्यभार संभालना भी शुरू कर दिया है। अभी तक 70 चालक व परिचालकों ने अपनी ड्यूटी संभाल ली है।
चीका रूट पर हर पांच मिनट में मिलेगी बस
कैथल। रोडवेज की तरफ से बसों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। कैथल डिपो में रोडवेज की बसों की संख्या भी बढ़कर 194 हो चुकी है। इसके बाद कई लंबे रूटों पर बंद पड़ी बसों को दोबारा शुरू करने की रोडवेज की तरफ से योजना बनाई जा रही है। वहीं, अब रोडवेज ने कैथल-चीका रूट पर सर्विस बढ़ाने के निर्णय लिया है। अब चीका रूट पर बसों की समस्या नहीं होगी। वहीं, यात्रियों की मांग को देखते हुए यहां पर पांच मिनट में अंतराल में बस चलाने का समय किया गया है।
गौरतलब है चीका रूट पर काफी अधिक यात्रियों का आवागमन रहता है। यहां पर प्रतिदिन विद्यार्थियों सहित करीब आठ हजार से अधिक यात्री प्रतिदिन यात्रा करते हैं। इस रूट पर रोडवेज की 30 से अधिक बसें इस समय चलाई जा रही हैं। इस समय इस रूट पर रात के समय अंतिम बस का समय रात आठ बजे हैं। अब रोडवेज यात्रियों की मांग के अनुसार इस समय को बढ़ाने पर विचार कर रहा है। इसे अगले एक सप्ताह से 10 दिन अंदर शुरू किया जा सकता है।
रोडवेज के महाप्रबंधक ने बताया कि चीका के पंजाब बार्डर पर होने के कारण यहां पर पंजाब जाने के लिए सवारियों की संख्या अधिक रहती है। इस स्थिति में यहां पर यात्रियों की अधिक बस चलाने की मांग रहती है। इस मांग को देखते हुए इस रूट पर बस चलाने के समय में बदलाव किया है। इसे आठ मिनट से पांच मिनट तक किया है।