कैथल। देर रात मंगलवार को अचानक मौसम बदला और शहर में तेज आंधी चली और बिजली चमकी। कुछ ही देर में बारिश शुरू हो गई जो बुधवार करीब आठ बजे तक जारी रही। मौसम का मिजाज बदलने से लोगों को गर्मी से राहत मिल गई लेकिन कई इलाकों में जलभराव से लोगों का काफी दिक्कतें भी हुईं।
सबसे ज्यादा बारिश सीवन में दर्ज की गई। उधर, मौसम वैज्ञानिकों की माने तो 27 मई तक ऐसा ही मौसम रहेगा। मंगलवार को दिनभर तेज धूप खिली लेकिन शाम को अचानक मौसम का मिजाज बदला और बादल छा गए।
देर रात बारिश भी शुरू हुई जो बुधवार सुबह आठ बजे तक जारी रही। जिले में औसतन 10.57 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसे अधिकतम तापमान में करीब नौ डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया वहीं बुधवार को यह 34.1 दर्ज किया गया।
तेज अंधड़ के चलते कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे टूटने की जानकारी भी मिली है। इससे कई जगहों पर बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।
बिजली निगम की तरफ से रात को बंद की गई आपूर्ति को सभी क्षेत्रों में सुबह 11 बजे से पहले ही शुरू कर दी गई। दूसरी ओर कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने कहा कि आगामी 27 मई दिनों तक इसी तरह मौसम रहेगा। दिन में धूप रहेगी और शाम को हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
अंधड़ से हुआ नुकसान
बारिश के चलते कई जगहों पर जलभराव हो गया। फ्रांसवाला रोड पर लगे उद्योगों में बिल्डिंग की शेड उड़कर खेतों में व एक दूसरे के नजदीक प्लांट में जाकर गिरी। फैक्ट्री व गोदामों की मालकिन ज्योति बंसल डायरेक्टर एसएसबी पशु फीड प्राइवेट लिमिटेड ने बताया कि बिल्डिंग पर लगी चादरें व सोलर सिस्टम की प्लेट्स टूट गई हैं। शहर के मुख्य क्षेत्र करनाल रोड, लघु सचिवालय, पिहोवा चौक, ढांड रोड, रेलवे अंडर ब्रिज सहित अन्य क्षेत्रों में जलभराव रहा।
औसतन 10.57 एमएम बारिश
जिले में देर रात मंगलवार से बुधवार सुबह करीब आठ बजे तक 10.57 एमएम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक पानी सीवन क्षेत्र में 25 एमएम गिरा। कैथल में 22 एमएम, गुहला चीका में 13 एमएम, पूंडरी में 06 एमएम, ढांड में 04 एमएम, कलायत व राजौंद में सबसे कम दो-दो एमएम बारिश हुई।