संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/सीवन/गुहला-चीका। नवरात्र की प्रतिपदा पर जिले में कई जगहों पर महाराजा अग्रसेन जी की जयंती मनाई गई। इस मौके पर वक्ताओं ने उनके एक ईंट एक रुपये का सिद्धांत का चर्चा करते हुए उसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
अग्रवाल सभा सीवन और कोहिनूर अकादमी गुहला-चीका में महाराजा अग्रसेन जयंती की धूमधाम रही। दोनों कार्यक्रमों में हवन-यज्ञ, पूजा-अर्चना, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और समाजसेवा पर आधारित गतिविधियां आयोजित की गईं।
सीवन में अग्रवाल सभा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता कृष्ण गर्ग ने कहा कि महाराजा अग्रसेन ने समाज को एकता, परोपकार और समानता का जो संदेश दिया, वह आज भी प्रेरणादायी है। सभा परिसर को फूलों और रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया और स्थानीय कलाकारों ने भक्ति गीत और नृत्य प्रस्तुत किए। अंत में भंडारे का आयोजन कर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। समारोह में संगीत बंसल, विवेक गोयल, रिक्की, विक्रम मंगल, जोगध्यान बंसल, डॉ. बृजमोहन सिंगला, कृष्ण लाल बंसल, बृजमोहन कंसल, नीरज कंसल उपस्थित रहे।
गुहला-चीका में कोहिनूर अकादमी में बच्चों के लिए महाराजा अग्रसेन के जन्म, महान कार्यों और जीवन मूल्यों पर आधारित भाषण, नारा लेखन, पोस्टर मेकिंग और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रधानाचार्या कंवलजीत कौर बाजवा और चेयरपर्सन डॉ. सुखविंदर कौर ने कहा कि महाराजा अग्रसेन ने जनकल्याण के लिए जीवन समर्पित किया। उनके समय में “एक रुपया, एक ईंट” की प्रथा चली, जिससे शरणार्थी अपने जीवन को सम्मानपूर्वक जी सकें। महाराजा अग्रसेन, भगवान राम के वंशज और महाभारत काल में श्री कृष्ण के समकालीन, ने समाज उत्थान और जनकल्याण के लिए अपनी जीवन यात्रा समर्पित की। उनके आदर्श आज भी खून दान, लंगर और शिक्षा-संस्थाओं के माध्यम से समाज में जीवित हैं।