संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अब कैथल रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म ऊंचा व लंबा करने की कवायद शुरू हो गई है। इस कवायद के तहत कैथल रेलवे स्टेशन पर दिल्ली और कुरुक्षेत्र से पहुंची टीम ने रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। इसके तहत यहां पर नए विकास कार्य की संभावनाएं तलाशी।
गौरतलब है कि इस टीम ने शुक्रवार को पहुंचना था, लेकिन किन्ही कारणों के चलते यह टीम यहां नहीं पहुंच पाई थी। इस टीम में करीब आठ सदस्य शामिल थे। जिसमें कुरुक्षेत्र-नरवना रेल सेक्शन के सीनियर सेक्शन इंजीनियर जेके अरोड़ा मुख्य रूप में मौजूद थे।
टीम के सदस्यों ने सर्वे के दौरान प्लेटफार्म ऊंचा व लंबा करने की संभावनाएं तलाशी। इस दौरान सीनियर सेक्शन जेके अरोड़ा कैथल स्टेशन पर नक्शा लेकर पहुंचे थे। उन्होंने नक्शे के अनुसार बताया कि यह प्लेटफार्म इस समय 300 फीट लंबा है। अब इसे बढ़ाकर 550 फीट किया जाएगा। इसके साथ इसे ऊंचा भी उठाने की योजना है। स्टेशन के दूसरी तरफ एक टिकट घर भी बनाया जाएगा।
लंबे समय से थी यात्रियों की कमांग ः बता दें कि पिछले लंबे समय यात्रियों की ओर से स्टेशन पर विकास कार्यों करवाने की मांग की जा रही है। अब प्लेटफार्म लंबा और ऊंचा होने के बाद जल्द ही कैथल रेलवे स्टेशन के दिन बहुरेंगे। इसके साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए लाइन पार करने के लिए फुट ओवर ब्रिज बनाया जाएगा। विकास के ये काम फिलहाल नहीं किए जाएंगे।
दरअसल, अभी विधानसभा चुनाव के चलते अचार संहिता लगी हुई है। चुनाव आचार संहिता के हटते ही अब स्टेशन पर ये विकास कार्य शुरू करवाएं जाएंगे। इनके पूरा होने के बाद अब रेल यात्रियों को भी अच्छी सुविधाएं मिल सकेंगी। टीम के जाने के बाद रेल यात्री कल्याण समिति ने स्टेशन अधीक्षक को मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा।
गौरतलब है कि विकास कार्याें के लिए केंद्र ने अपने बजट में कैथल रेलवे स्टेशन पर विकास कार्यों के लिए अनुमति दी थी। इस अनुमति के तहत ही विकास कार्य करवाए जाने हैं। यहां आने वाले यात्रियों को गाड़ियों में चढ़ने में बहुत समस्या होती है। कैथल का रेलवे स्टेशन करीब 154 साल पुराना है। इसकी स्थापना अंग्रेजों के शासनकाल में हुई थी। उस समय कैथल में चावल का अच्छा व्यापार होने के चलते अंग्रेजों ने वाया कैथल से नरवाना से कुरुक्षेत्र के लिए नई रेलवे लाइन बिछाई थी। इन 150 साल में अभी तक इस लाइन पर केवल विद्युतीकरण ही हो पाया है। जबकि स्टेशनों पर उम्मीद के मुताबिक विकास कार्य नहीं हो पाया है।
पांच साल पहले बनवाई थी पार्किंग-
रेलवे ने करीब छह साल पहले कैथल रेलवे स्टेशन पर 2019 में भी पांच करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य करवाए थे। इन कार्याें के तहत पार्किंग, टिकट घर, प्रतीक्षालय, स्टेशन अधीक्षक कक्ष का निर्माण और इंटरलॉक सिस्टम लागू किया गया था। अब करीब पांच साल के बाद स्टेशन पर रेलवे की ओर से फिर से विकास कार्य करने के लिए योजना बनाई गई है।
प्लेटफार्म छोटा होने से होती है परेशानी
रेल यात्री कल्याण समिति के चेयरमैन सतपाल गुप्ता ने इस समय कैथल रेलवे स्टेशन का प्लेटफार्म काफी छोटा है। प्लेटफार्म छोटा होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। क्योंकि रात के समय साबरमती जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन के आधे डिब्बे प्लेटफार्म के नीचे रहते हैं। क्याेंकि इस ट्रेन के 16 डिब्बे हैं। इसके साथ ही अन्य ट्रेनों में भी प्लेटफार्म नीचा होने के कारण बच्चों और बुजुर्गाें को दिक्कत होती है। गुप्ता ने बताया कि समिति ने सांसद नवीन जिंदल को कैथल स्टेशन के सुधार के लिए भेजा था। इसमें प्लेटफार्म को लंबा व ऊंचा करने की मांग की थी। इस मांग पर को रेलवे ने मान लिया है। इसलिए वे केंद्र सरकार का आभार जताते हैं। इस मौके पर समिति के प्रधान बलवंत सिंह जाटान, जिले सिंह कठवाड, डाॅ. अश्वनी शर्मा, हरिकृष्ण शर्मा एडवोकेट, लाजपत राय सिंगला, सुरेंद्र आदि मौजूद थे।
कैथल रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म लंबा व ऊंचा करने के लिए अधिकारिक रुप से सर्वे करना जरूरी था। शुक्रवार को अधिकारियों की टीम ने रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर सर्वे किया है। अब यह रिपोर्ट डीआरएम कार्यालय में भेजी जाएगी। इस पर आगामी फैसला जल्द ही अधिकारी ही लेंगे। - नरेंद्र शर्मा, स्टेशन अधीक्षक, कैथल।