कलायत के श्री कपिल तीर्थ के घाटों पर बिखरी गंदगी। संवाद
कलायत। श्री कपिल मुनि तीर्थ लगातार गंदगी की मार झेल रहा है। तीर्थ में कचरा, टूटी मूर्तियां और हवन की राख फेंककर इसे दूषित किया जा रहा है। पानी में तैरती पॉलिथीन और सीढ़ियों पर पड़े पुराने कपड़े श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत कर रहे हैं।
नगर पार्षद संजय सिंगला ने तीर्थ की वर्तमान स्थिति पर कहा कि लाखों लोगों की आस्था और कलायत की ऐतिहासिक पहचान इस तीर्थ से जुड़ी है। उन्होंने नगरवासियों से अपनी जिम्मेदारी समझने की अपील की। तीर्थ की स्वच्छता और सुंदरीकरण के लिए समिति ने कई प्रयास किए हैं। समय-समय पर सफाई के बावजूद गंदगी फिर फैल जाती है।
राष्ट्रीय पहचान पर संकट
श्री कपिल मुनि तीर्थ की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर है। देशभर से लोग इसकी महत्ता को पढ़कर यहां पहुंचते हैं। हर मास की पूर्णिमा पर यहां मेला लगता है। दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र जल में डुबकी लगाने आते हैं। गंदगी देखकर उनकी धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं।
सामूहिक जिम्मेदारी का आह्वान
तीर्थ में गंदगी से तीर्थ कमेटी, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और कलायत नगर पर भी सवाल उठते हैं। तीर्थ कमेटी सदस्य आरएस धानिया ने सामूहिक सोच से बदलाव आने की बात कही। उन्होंने प्रशासन, मंदिर समिति और प्रत्येक नगरवासी को अपनी जिम्मेदारी निभाने को कहा। तीर्थ कमेटी के प्रधान राजू कौशिक ने पवित्रता, स्वच्छता और सुंदरता बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तभी एक स्वच्छ, सुंदर और आदर्श कलायत की कल्पना साकार हो सकेगी।
कलायत के श्री कपिल तीर्थ के घाटों पर बिखरी गंदगी। संवाद