कैथल। जिले में बदलते मौसम के साथ खांसी, बुखार और शारीरिक थकान के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पिछले करीब एक सप्ताह में जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। रोजाना करीब 400 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं, इनमें लगभग 200 मरीज खांसी और बुखार से पीड़ित हैं।
वहीं केवल खांसी की शिकायत लेकर रोजाना 70 से 80 मरीज चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार मौसम में बदलाव, तापमान में उतार-चढ़ाव और बारिश के बाद बढ़ी नमी के कारण वायरल संक्रमण का असर बढ़ा है। इन दिनों मरीजों में हल्के से तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, सिर दर्द और शरीर में दर्द जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार वायरल संक्रमण होने पर वायरस शरीर की कोशिकाओं में पहुंचकर संक्रमण पैदा करता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों और नजदीकी संपर्क के माध्यम से कुछ वायरल संक्रमण फैल सकते हैं। ऐसे में भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतना और संक्रमित व्यक्ति से अनावश्यक नजदीकी संपर्क से बचना जरूरी है।
एक सप्ताह से नहीं उतर रहा बुखार
एक सप्ताह पहले बुखार हुआ था। सामान्य बुखार समझकर पहले गांव के ही डॉक्टर से दवाई लेता रहा लेकिन आराम नहीं आया तो अब यहां आना पड़ा। एक सप्ताह से न तो बुखार उतर रहा है और न ही कोई काम कर पा रहा हूं।
- हरिकेश, निवासी, गांव चंदाना।
सुखी खांसी नहीं हो रही ठीक
पिछले कई दिनों से सुखी खांसी से परेशान हूं। शनिवार को भी दवाई लेकर गया था लेकिन पूरी तरह ठीक नहीं हो पाया। अब दोबारा दवाई लेने पहुंचा हूं।
- मांगे राम, निवासी, गांव नरड़।
चिकित्सकों की कमी के कारण हो रही परेशानी
जिला नागरिक अस्पताल में केवल फिजिशियन के पास ही रोजाना 400 से 500 मरीज पहुंच रहे हैं। मंगलवार को ओपीडी में सिर्फ दो चिकित्सक मौजूद थे और इतने मरीजों की जांच और सही इलाज दो चिकित्सकों के लिए संभव नहीं है। पर्याप्त चिकित्सक नहीं होने के कारण मरीजों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि मरीजों को छाती रोग विशेषज्ञ के छुट्टी पर होने के कारण परेशानी ज्यादा झेलनी पड़ी। एक चिकित्सक रोजाना 100 से 150 मरीज देख रहा है जो किसी भी चिकित्सक के लिए बहुत ज्यादा हैं।
हर बुखार को वायरल समझना ठीक नहीं...
चिकित्सकों के अनुसार खांसी या बुखार होने पर हर बार इसे वायरल संक्रमण मानकर खुद से दवा लेना उचित नहीं है। कई बार बुखार और खांसी के पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं। इसलिए लक्षण अधिक होने या कई दिन तक बने रहने पर चिकित्सक से जांच करवानी चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक लेने से भी बचना चाहिए, क्योंकि वायरल संक्रमण में एंटीबायोटिक प्रभावी नहीं होती।
मौसम में बदलाव के चलते वायरल संक्रमण फैलने से खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बीमार व्यक्ति से अनावश्यक नजदीकी संपर्क से बचें और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर आवश्यक सावधानी बरतें। पर्याप्त पानी पीएं, पौष्टिक भोजन लें और बाहर का खाना खाने से परहेज करें। बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए।
- डॉ. रेणु चावला, सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग, कैथल।
- हरिकेश, निवासी, गांव चंदाना। संवाद
- हरिकेश, निवासी, गांव चंदाना। संवाद
- हरिकेश, निवासी, गांव चंदाना। संवाद