संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। पिछले कुछ दिनों की खिली धूप के बाद शनिवार सुबह कई दिनों बाद घनी धुंध छाई रही। सुबह के समय कम दृश्यता के कारण जनजीवन की रफ्तार धीमी पड़ गई और वाहन चालकों को खासा परेशान होना पड़ा।
सुबह करीब 8 बजे तक आसमान धुंध की चादर से ढका रहा। 9 बजे के बाद धुंध छंटनी शुरू हुई, लेकिन शहरवासियों को सूरज के दर्शन के लिए सुबह 10 बजे तक इंतजार करना पड़ा। धूप निकलने के बाद ठंड से कुछ राहत जरूर मिली, हालांकि दिन भर चलती ठंडी हवाओं के कारण वातावरण में कनकनी बनी रही।
शनिवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच 15 डिग्री का बड़ा अंतर लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।
दोहरे मौसम का स्वास्थ्य पर असर
इन दिनों लोग दोहरे मौसम की मार झेल रहे हैं। दोपहर में तेज धूप के कारण गर्मी महसूस होती है, वहीं सूरज ढलते ही तापमान में तेजी से गिरावट आ जाती है। इस उतार-चढ़ाव के कारण वायरल बुखार, सर्दी-खांसी और जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
चिकित्सकों के अनुसार सुबह-शाम की ठंड और दोपहर की गर्मी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को इस समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को दिनभर लगभग 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलती रहीं। मौसम विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद्र वर्मा के अनुसार आने वाले दो-तीन दिनों तक मौसम का यही रुख बना रह सकता है। रात के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है, जिससे सुबह-शाम की ठंड बढ़ सकती है।
दिन में भी जलानी पड़ी वाहन चालकों को लाइटें
राजौंद। क्षेत्र में शनिवार सुबह अचानक घना कोहरा छा जाने से जनजीवन प्रभावित हो गया। कोहरे की वजह से दृश्यता काफी कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को दिन के समय भी लाइटें जलाकर वाहन चलाने पड़े। सुबह के समय सड़कों पर चलने वाले लोगों और वाहन चालकों को विशेष रूप से दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कोहरे के कारण स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को भी परेशानी उठानी पड़ी। कई स्थानों पर वाहन चालकों ने धीमी गति से सफर तय किया ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
पिछले कुछ दिनों से तेज धूप और बढ़ती गर्मी के कारण मौसम साफ बना हुआ था, लेकिन शनिवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली और क्षेत्र घने कोहरे की चादर में ढक गया। हालांकि कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह कोहरा गेहूं की फसल के लिए लाभदायक माना जा रहा है। संवाद