गर्मी के कारण सुनसान पड़ा ढांड रोड। संवाद
कैथल। पिछले वर्ष के मुकाबले जून का महीना सूखा बीता। भीषण उमस और चिपचिपी गर्मी ने लोगों को बेहाल किया। इस बार मानसून की बेरुखी और प्री-मानसून गतिविधियों के कमजोर रहने से बारिश नहीं हुई। पिछले साल जून के महीने में पांच बार अच्छी और झमाझम बारिश दर्ज की गई थी।
इसके विपरीत इस बार पूरा जून का महीना सूखा बीतने की कगार पर है। मौसम विभाग के विशेषज्ञ डाॅ. रमेश चंद्र के अनुसार जब तक तेज मानसूनी हवाएं सक्रिय नहीं होतीं, तब तक इस चिपचिपी गर्मी और उमस से पूरी तरह राहत मिलने के आसार कम हैं।
अधिकतम तापमान के साथ रात के समय में भी न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने के कारण लोगों को राहत नहीं मिल रही है। इस बार पिछले कुछ दिनों में केवल हल्की बूंदाबांदी ही देखने को मिली है जिसने गर्मी से राहत देने के बजाय उमस को और बढ़ा दिया है।
मौसमी बीमारियों का खतरा : इस भीषण उमस और गर्मी के कारण डॉक्टरों ने इस चिपचिपी गर्मी में स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। सरकारी और निजी अस्पतालों में उल्टी, दस्त, डिहाइड्रेशन और त्वचा से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
गर्मी के कारण सुनसान पड़ा ढांड रोड। संवाद