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Kaithal News: ढांड अनाज मंडी में मंत्री आए जलपान किया और मंडी का दौरा किए बिना ही लौटे

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12 ढांड 01 मार्केट कमेटी कार्यालय ढांड में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के सामने धान खरीद से जुड
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ढांड। किसानों की समस्याएं सुनने पहुंचे कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा को ढांड में किसानों और आढ़तियों के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। मंत्री किसानों और व्यापारियों की समस्याएं सुनने और मंडी का दौरा करने आए थे लेकिन जब किसानों ने धान की खरीद में हो रही लूट का मुद्दा उठाया तो माहौल गरमा गया। किसानों ने मंत्री के सामने आरोप लगाया कि उनका धान न्यूनतम समर्थन मूल्य से 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल कम दाम पर खरीदा जा रहा है। किसानों ने मंत्री से कहा कि एक बार अनाज मंडी में चलकर हालात देख लीजिए और हमारा धान एमएसपी पर बिकवा दीजिए। इसके बावजूद मंत्री मंडी का दौरा किए बिना ही लौट गए।
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किसान बोले- हमें तो कम दाम मिल रहे
कृषि मंत्री जैसे ही मार्केट कमेटी कार्यालय ढांड पहुंचे, वहां किसानों और आढ़तियों की भीड़ जुट गई। किसानों ने धान की खरीद में आ रही परेशानियों को उठाते हुए कहा कि उनकी फसल एमएसपी से कम कीमत पर खरीदी जा रही है। इस पर कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार 17 प्रतिशत नमी वाले धान को एमएसपी पर खरीद रही है और किसानों के खातों में पूरी राशि डाली जाएगी। मंत्री के इस जवाब पर किसान भड़क उठे। उन्होंने कहा कि सरकार एमएसपी पर खरीद का दावा कर रही है लेकिन किसानों को बाजार में एमएसपी से 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल तक कम दाम मिल रहे हैं। किसानों ने मंत्री से सवाल किया कि यदि सरकार एमएसपी पर खरीद कर रही है तो किसानों को उनकी फसल का पूरा भाव क्यों नहीं मिल रहा?

किसानों की चुनौती- हमारा धान बिकवा दो, हम मंडी में ही खड़े हैं
किसानों ने कृषि मंत्री से कहा कि उनका धान मंडी में पड़ा है और उसमें नमी भी निर्धारित सीमा से कम है। मंत्री एक बार उनके साथ अनाज मंडी में चलें और उनका धान एमएसपी पर बिकवाकर दिखाएं। किसानों ने मंत्री से स्पष्ट जवाब मांगा कि एमएसपी में से एक पैसा भी कम नहीं कटना चाहिए। देखते ही देखते धान खरीद का मुद्दा गरमा गया और किसानों ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकारी बदइंतजामी के कारण अनाज मंडी में रखा उनका धान बारिश के पानी में खराब हो चुका है। किसानों ने बार-बार कृषि मंत्री से आग्रह किया कि वे उनके साथ मंडी में चलकर फसल की स्थिति देखें। जब मंत्री अपनी गाड़ी में बैठने लगे तो किसानों ने फिर उनसे मंडी का दौरा करने की अपील की। इसके बावजूद मंत्री किसानों की मांग पर मंडी नहीं पहुंचे और मार्केट कमेटी कार्यालय से रवाना हो गए।
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कार्यालय में बैठकर कैसे पता चलेंगे मंडी के हालात?
कृषि मंत्री का मंडी का दौरा किए बिना लौटना किसानों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। किसान प्रवेश, गुरमीत, सुरेश, बलजीत और नरेश का कहना था कि जब वे अपनी समस्याएं लेकर मंत्री के सामने पहुंचे हैं तो उनकी फसल की स्थिति मौके पर देखकर समाधान किया जाना चाहिए था। केवल कार्यालय में बैठकर बातचीत करने से मंडी में धान खरीद की वास्तविक स्थिति का पता कैसे चलेगा? किसानों को उम्मीद थी कि मंत्री मौके पर पहुंचकर उनके धान की गुणवत्ता और नमी की जांच करवाएंगे और उचित भाव पर खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश देंगे लेकिन उनकी यह मांग पूरी नहीं हुई।

12 ढांड 01 मार्केट कमेटी कार्यालय ढांड में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के सामने धान खरीद से जुड

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