संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अप्रैल माह के अंतिम चरण में पहुंचते-पहुंचते गर्मी ने अपने तेवर तेज कर लिए हैं। इस सीजन में पहली बार अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिससे जनजीवन प्रभावित होने लगा है। दिन के साथ-साथ अब रातों में भी गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है। न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह बढ़कर 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
तापमान में आई इस अचानक वृद्धि ने किसानों, विशेषकर सब्जी उत्पादकों की चिंता बढ़ा दी है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद्र के अनुसार, 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान मौसमी सब्जियों जैसे बेल वाली फसलें (लौकी, तोरी, कद्दू), टमाटर और मिर्च के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।
तेज धूप के कारण पौधों के फूल झड़ने की आशंका रहती है, जबकि नमी की कमी से फसलें झुलस सकती हैं। यदि यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले दिनों में सब्जियों के उत्पादन में गिरावट आ सकती है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। साफ आसमान और शुष्क मौसम के चलते तापमान में अभी और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
सुस्त हवाओं ने बढ़ाई बेचैनी : गर्मी के साथ-साथ हवाओं की धीमी रफ्तार ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। वर्तमान में हवाएं लगभग 11 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल रही हैं, जिससे वातावरण में उमस और भारीपन महसूस हो रहा है। तेज हवाओं के अभाव में गर्मी का प्रभाव और अधिक तीव्र हो जाता है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा छाने लगा है और लोग जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें।