संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान पद के चुनाव का मामला अब बार काउंसिल ऑफ पंजाब एवं हरियाणा में पहुंच गया है। हार के बाद प्रधान पद के उम्मीदवार एडवाेकेट जितेंद्र शर्मा ने कुछ दिन पहले ही काउंसिल में चुनाव में मतों की गिनती में गडबड़ी का आरोप लगा याचिका डाली थी। इस पर बार काउंसिल ने सुनवाई शुरू की है। 10 जनवरी को सुनवाई की जाएगी।
बार काउंसिल पंजाब एवं हरियाणा में डाली गई याचिका में जितेंद्र शर्मा ने नई, पुरानी कार्यकारिणी, सभी चुनाव अधिकारी, ऑब्जर्वर और तहसीलदार सहित 19 लोगों को पार्टी बनाया है। इस मामले की सुनवाई बार काउंसिल में चार सदस्यीय कमेटी कर रही है। शुक्रवार को सभी प्रतिवादी स्वयं और अपने वकीलों के माध्यम से पेश हुए।
कमेटी ने सोमवार तक सभी प्रतिवादियों को अपना जवाब इस मामले में देने के निर्देश जारी किए हैं। कमेटी ने चुनाव संबंधी रिकार्ड भी तलब किया है। अगली सुनवाई 10 जनवरी को होनी है।
गौरतलब है कि गत 15 दिसंबर को जिला बार एसोसिएशन कैथल के चुनाव में प्रधान पद के चयन को लेकर काफी कशमकश रही थी। इस दौरान शुरुआत में तो एडवोकेट जितेंद्र शर्मा आठ मतों से विजयी होने की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में बैलेट पेपर पर मुहर के दोनों तरफ लगने का आरोप लगा और चार बार मतों की गिनती की गई थी।
इस दौरान दोनों ही पक्षों के समर्थकों ने अपने-अपने उम्मीदवार को विजयी घोषित होने की सूचना पर खुशी भी मना ली थी, लेकिन बाद यहां पर पुलिस को भी बुलाना पड़ा और तहसीलदार की अगुवाई में मतों की गिनती के बाद एडवोकेट बलजिंद्र सिंह मलिक को महज दो मतों से विजयी घोषित किया गया था। इसके कुछ दिन बाद ही हारे हुए उम्मीदवार ने बार काउंसिल ऑफ पंजाब एवं हरियाणा में मतों की गिनती में गडबड़ी का आरोप लगा कर याचिका डाली थी।