कैथल। शहर की गोशालाओं से निकलने वाले गोबर के उपलों से अब श्मशान घाट में अंतिम संस्कार होगा। इसके लिए हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने सभी नगर निकायों को पत्र जारी किया है।
नगर परिषद ने शहर की सभी गोशाला प्रबंधकों को पत्र जारी कर श्मशान घाट में गोबर के कंडे उपलब्ध करवाने को कहा है। इन निर्देशों के पालन होने से जहां अंतिम संस्कार में लकड़ी का प्रयोग कम होगा, वहीं शहर में गोबर प्रबंधन में बड़ी मदद मिलेगी। इस समय शहर में पांच बड़ी गोशालाएं हैं। अनाज मंडी के निकट की गोशाला से निकलने वाले गोबर के खुले में ढेर लगते हैं। इसी प्रकार से डोगरा गेट की गोशाला हो या अंबाला रोड की गोशाला। इनके गोबर के भी बड़े-बड़े ढेर लगते हैं।
नगर परिषद द्वारा चलाई जा रही नंदीशाला हालांकि अभी शहर से दूर है। इसके बावजूद सभी गोशालाओं के गोबर की छड़ें या कंडे बनाने के लिए नगर परिषद ने पत्र जारी किया है। इस संबंध में हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने पत्र जारी किया है कि शहर में सभी श्मशान घाटों में गोबर के कंडे या छड़ें उपलब्ध करवाई जाएं। इन्हीं आदेशों के तहत नगर परिषद कैथल की सीमा में स्थित सभी श्मशान घाटों में आवश्यकता अनुसार गोबर की छड़े या कंडे उपलब्ध करवाएं ताकि उनका प्रयोग किया जा सके।
नंदीशाला के प्रधान सुरेश गर्ग ने कहा कि देखा जाए तो यह निर्देश पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता की दिशा में बड़ा कदम है। अभी उन्हें ये निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। अब देखने वाली बात होगी कि श्मशान घाट समितियां ये कंडे लेती हैं या नहीं। जो भी निर्देश होंगे, उनका पालन किया जाएगा।
नगर परिषद ईओ कुलदीप मलिक ने कहा कि शहर में सभी गोशाला प्रबंधकों को मानव अधिकार आयोग के निर्देशों के बारे में अवगत करवा दिया है। वे गोबर के ढेर लगाने की बजाए, उसके कंडे बनाकर श्मशान घाटों में उपलब्ध करवाएं।
मंडी के निकट चलाई जा रही गोशाला समिति को नोटिस
कैथल। नई अनाज मंडी के निकट नगर परिषद की जमीन में चलाई जा रही गोशाला की समिति को सड़क पर किए गए कब्जे को सात दिन में हटाने के निर्देश जारी किए हैं।
गौरतलब है कि नई अनाज मंडी के निकट चलाई जा रही गोशाला को हाउस की बैठक में नंदीशाला के निकट शिफ्ट किए जाने का प्रस्ताव पारित किया था ताकि इस गोशाला को यहां से खाली करवाया जा सके। इसके बावजूद यहां शेड का निर्माण किया जा रहा था। इस मामले की शिकायत मिलने पर नगर परिषद की टीम मौके पर पहुंची। निरीक्षण के बाद अधिकारियों को रिपोर्ट दी। इसके आधार पर गोशाला प्रबंधक समिति के प्रधान रामफल को नोटिस जारी किया है।
ईओ कुलदीप मलिक ने बताया कि समिति को सात दिन में अवैध कब्जा हटाने के लिए कहा है। ऐसा न किया तो नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।