कैथल। माता गेट स्थित सूर्यकुंड डेरे के सरोवर में सीएम घोषणा के तहत छह साल बीत जाने के बावजूद नहरी पानी नहीं पहुंचा है। इस कारण यहां आने वाले श्रद्धालु सरोवर में स्नान नहीं कर पा रहे हैं। सूयकुंड डेरा ऐतिहासिक स्थल है। यहां पर चैत्र नवरात्र और आषाढ़ व जयेष्ठ महीने के प्रत्येक वीरवार को मेला भी लगाया जाता है। मेले में देश भर से श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचते हैं।
इस डेरे में बाजीगर समाज की कुल देवी काली माता का मंदिर भी है। इसके चलते गुहला के पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर की मांग पर सरोवर में नहरी पानी लाने का एलान वर्ष 2017 में सीएम घोषणा के तहत की गई थी। इसके बाद वर्ष 2018 की फरवरी में यहां पर पाइपलाइन बिछाने पर दो करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। पाइपलाइन डालने के बाद एक बार तो सरोवर में पानी आया, लेकिन इसके बाद पिछले पांच साल से पानी नहीं आया है।
इतने साल बीतने के बावजूद सरोवर में पानी आने की बाट यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु जोह रहे हैं। मई में ही सीएम मनोहर लाल ने महंत रमनपुरी के साथ मुलाकात के दौरान इस पर जल्द ही कार्य शुरू करवाने का आश्वासन दिया था, परंतु एक महीने बीतने के बावजूद इस पर कोई बात नहीं बन पाई है। इससे पहले सरोवर में शौचालय व घाट के निर्माण के लिए भी रुपये नहीं मिले हैं।
डेरे के महंत रमनपुरी ने बताया कि सीएम घोषणा के तहत सरोवर में पानी लाने के लिए डाली गई पाइपलाइन भी टूट चुकी है। यह पाइपलाइन पट्टी अफगान के क्षेत्र में आ रही सिरसा ब्रांच से लेकर मंदिर के सरोवर तक बिछाई गई थी। शुरूआत में एक बार तो चैत्र नवरात्र के मेले के समय सरोवर में पानी छोड़ा गया, लेकिन इसके बाद अब तक पानी आया ही नहीं है।
कुछ लोगों की तरफ से पाइपलाइन को बीच में कुछ जगहों से तोड़ दिया है। इसलिए यहां पर पानी आने की स्थिति में भी पानी नहीं आ सकता है। इसको लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी कई बार अवगत करवाया गया है। बावजूद इसके समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है।
सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता मंगत राम गर्ग ने बताया कि उनका कार्य पानी देने का है। पानी देने के लिए जो पाइपलाइन बिछाई गई थी। वह जनस्वास्थ्य विभाग ने बिछाई थी। पाइपलाइन ठीक होने के बाद पानी छोड़ दिया जाएगा। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ कर्ण बहल ने कहा कि इस मामले में वे जानकारी प्राप्त करेंगे। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
चैत्र नवरात्र पर दो दिन लगता मेला
डेरे के महंत रमनपुरी ने बताया कि सूर्यकुंड डेरे में बने काली माता मंदिर में चैत्र नवरात्र पर दो दिन का मेला लगता है। मेले में हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, राजस्थान और यूपी से लाखों श्रद्धालु मंदिर में माथा टेकने के लिए पहुंचते हैं। इस समय में श्रद्धालुओं के लिए इस सरोवर में स्नान के लिए पानी का प्रबंध किया जाता है। इस कारण ही मंदिर परिसर में सरोवर में श्रद्धालुओं को स्नान करने के पानी की जरूरत होती है। इसके अलावा अन्य दिनों में भी यहां पर श्रद्धालुओं का आवागमन रहता है।
समस्या दूर कराई जाएगी : बाजीगर
गुहला से पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनकी मांग पर सरोवर में नहरी पानी लाने की घोषणा की गई थी। इसके बाद यहां पर पानी आ भी गया था। अब पानी सरोवर में क्यों नहीं आ रहा है। इस पर जानकारी प्राप्त की जाएगी। मंदिर प्रशासन उन्हें इस मांग को लिखित में दें। इस समस्या को दूर करवाया जाएगा।