संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नगर परिषद कार्यालय में 6 माह बाद वीरवार को हुई हाउस की बैठक आरोप-प्रत्यारोप की भेंट चढ़ गई। शहर के विकास पर चर्चा की बजाय पार्षद एक-दूसरे पर छींटाकशी में उलझे रहे। नगर परिषद की अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने कई बार पार्षदों से शांति और क्रमवार बोलने की अपील की, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं मानी।
बैठक में बेसहारा गोवंश, सड़क मरम्मत और निर्माण सहित 17 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुए। सबसे अहम मुद्दा सड़कों से आवारा गोवंश हटाने का रहा। इस पर 11 सदस्यीय कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया, जिसमें पार्षदों के साथ शहर की संस्थाओं और प्रमुख लोगों को शामिल किया जाएगा। गोवंश पकड़ने के लिए जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू करने पर भी सहमति बनी। पार्षदों ने कहा कि आवारा पशुओं से आए दिन हादसे हो रहे हैं, जिन पर नियंत्रण जरूरी है।
वार्ड 29 के पार्षद राज सैनी ने दावा किया कि यदि नंदीशाला की जिम्मेदारी उन्हें दी जाए तो वे छह माह में शहर से गोवंश हटा देंगे। इस पर पार्षद अनिल खुरानिया ने एलान किया कि यदि राज सैनी ऐसा कर दिखाते हैं तो वे गोशाला को पांच लाख रुपये दान देंगे। राज सैनी ने जवाब दिया कि चाबी दिलवा दी जाए तो वे 11 लाख रुपये की सहायता भी देंगे और शहर से गोवंश हटा देंगे।
बैठक में सफाई व्यवस्था, सड़कें और स्ट्रीट लाइटें भी चर्चा में रहीं। खास बात यह रही कि नगर परिषद के कई अधिकारी भी बैठक में मौजूद नहीं थे। इस पर अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने नाराजगी जताई और अगली बैठक में सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य करने के उन्होंने निर्देश दिए। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने की जबकि उपाध्यक्ष सीमा, कार्यकारी अभियंता सुशील कुमार और सचिव भानु शर्मा मौजूद रहे।
स्ट्रीट लाइटों में घोटाले का आरोप
वार्ड 11 की पार्षद सुशीला शर्मा अपने बैग में एक खराब लाइट और सामान लेकर बैठक में पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्ट्रीट लाइट लगाने में घोटाला हो रहा है और घटिया सामान इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे नई लाइटें भी जल्दी खराब हो रही हैं। उनके बाद 5-6 पार्षदों ने भी लाइटों की समस्या उठाई और कहा कि न तो टूटी पोलों की मरम्मत हो रही है और न ही खराब लाइटें बदली जा रही हैं।