संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नौतपा से पहले ही सूरज ने अपनी गर्मी से सबको बेचैन कर दिया है। धूप के थपेड़ों से जनजीवन प्रभावित है। सुबह होते ही सूरज के तेवर तल्ख हो जाते हैं और दोपहर तक लोग लू के थपेड़ों से बेहाल नजर आते हैं। तपिश का असर दिन के साथ रात में भी पड़ रहा है। दोपहर मे घर से लोग मुंह ढककर निकल रहे हैं।
भीषण गर्मी के बीच करीब 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही पछुआ और गर्म हवाओं ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। न्यूनतम तापमान भी बढ़कर 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे रात के समय भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल रही।
इस समय गर्मी का असर अब केवल दिन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रातें भी लोगों को परेशान करने लगी हैं। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और दोपहिया वाहन चालकों के लिए सफर करना किसी चुनौती से कम नहीं है। लोग धूप और गर्म हवाओं से बचने के लिए चेहरे और शरीर को पूरी तरह ढककर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। मौसम विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद्र के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं होने के कारण तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना है। इसके बाद नौतपा शुरू जाएगा। मान्यता है कि ये नौ दिन ज्यादा गर्मी पड़ती है।
अस्पतालों में बढ़े मरीज : गर्मी के कारण सरकारी और निजी अस्पतालों में उल्टी, दस्त, चक्कर, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डॉ. अमरिंद्र ने लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है।
25 से होगी नौतपा की शुरुआत
नौतपा की शुरुआत 25 मई से होगी, जब सूर्य दोपहर 3 बजकर 44 मिनट पर रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इसके बाद यह अवधि लगातार 9 दिनों तक चलेगी और 2 जून को समाप्त होगी। इस दौरान गर्मी अपने चरम पर रहने की पूरी संभावना है और तापमान काफी ज्यादा बढ़ सकता है। मान्यता है कि नौतपा के समय सूर्य अपने शत्रु शुक्र की राशि वृषभ में होते हैं। इसके साथ ही चंद्रमा के नक्षत्र रोहिणी में गोचर करते हैं। वे यहां 15 दिनों तक रहते हैं, लेकिन शुरुआत के नौ दिन भीषण गर्मी देते हैं। इस दौरान सूर्य चंद्रमा की शीतलता को सोख लेते हैं।
कैथल के अंबाला रोड पर चिलचिलाती धूप के बीच मुंह ढंक कर जाते युवक। संवाद