कैथल। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संगीता राय सचदेवा की अदालत ने निचली अदालत के फैसले को बदलते हुए सड़क दुर्घटना के एक मामले में दोषी चालक को दोषमुक्त कर बरी कर दिया। पहले निचली अदालत ने थ्री व्हीलर चालक को एक साल की कैद व तीन हजार जुर्माने की सजा सुनाई थी।
बचाव पक्ष के वकील अजय गुप्ता व अर्पित गुप्ता ने बताया कि 27 अक्तूबर 2015 को राकेश कुमार नामक व्यक्ति अपनी बैलगाड़ी से गांव नरड़ जा रहा था। गांव के पास पीछे से आते हुए एक थ्री व्हीलर ने नियंत्रण खोते हुए पीछे से बैलगाड़ी को टक्कर मार दी। इससे बैलगाड़ी को नुकसान पहुंचा और थ्री व्हीलर खदानों में जा कर पलट गया। इस टक्कर से थ्री व्हीलर चालक दयानंद के पास बैठे व्यक्ति तरसेम को गंभीर चोटें आई और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
थाना तितरम में 31 अक्तूबर 2015 को इस संबंध में केस दर्ज किया था। इस मामले की सुनवाई न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी मनोज दहिया की अदालत में हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद थ्री व्हीलर चालक दयानंद को लापरवाही के दोष में एक साल की कैद व तीन हजार जुर्माने की सजा सुनाई। इस सजा को चुनौती देते हुए दयानंद ने अपने वकील अजय गुप्ता की मार्फत सेशन कोर्ट में अपील दायर की। इस अपील पर फैसला सुनाते हुए एडीजे संगीता राय सचदेवा की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दयानंद को निर्दोष करार देते हुए आरोपों से मुक्त करने के बाद बरी कर दिया।