कलायत। कमालपुर में रविवार को बाबा खैरनाथ डेरा पर कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में युवाओं का धैर्य खत्म हो रहा है। इससे वो कठिन परिस्थितियों का मुकाबला करने की बजाय गलत रास्ते पर आगे बढऩे की कोशिश करते हैं। इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए हमें युवाओं को संत-महात्माओं के सानिध्य में लाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने संत-महात्माओं का आशीर्वाद लिया। डेरे पर पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया। ढांडा ने कहा कि महापुरुषों और संतों का वास हमें हमेशा सकारात्मक दृष्टिकोण से आगे बढऩे की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि जो भी उनके सानिध्य में जाता है, वो धैर्यवान होने के साथ समाज की भलाई के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हो जाता है। युवा पीढ़ी कड़ी मेहनत करते हुए अपने लक्ष्य को पाने की बजाय शॉर्टकट अपनाने की कोशिश करती है और परिणाम अपेक्षा अनुरूप नहीं आते तो गलत रास्ते पर आगे बढ़ती है। राज्यमंत्री ने कहा कि आज अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वो खुद अपने बच्चों को धर्म और संतों की शरण में लाएं, ताकि युवा अच्छी बातें सीखें़ें। उन्होंने कहा कि बाबा खैर नाथ का आशीर्वाद सदा ही इलाके पर रहा है। हमें उनकी तपोभूमि पर नियमित तौर पर आना चाहिए। ग्रामीणों ने इस मौके पर एक हॉल निर्माण करवाने की मांग राज्यमंत्री के सामने रखी। जिसपर उन्होंने जल्द ही एस्टीमेट बनवाने का भरोसा दिया। इस मौके पर महंत शिवनाथ, गोपाल शास्त्री, चुडिय़ाराम, राम पुजारी, गौराराम, हरिकिशन, साधु, देवी प्रसन्न, बलराज, सोनू, जयपाल, सत्यवान, पानू, नसीब, शशिकांत मौजूद थे।