संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा बीपीएल परिवारों को मिलने वाले सरसों के तेल की कीमत बढ़ाने पर प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया। सुरजेवाला ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर भाजपा सरकार को गरीब विरोधी करार दिया। उधर, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की राज्य कमेटी ने भी इसकी आलोचना की है।
उन्होंने लिखा कि सरकार ने तेल के दाम बढ़ाकर हरियाणा के गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ाने का काम किया है। सरकार के आदेश पर पहले की तुलना में ढाई गुना बढ़ोतरी की गई है। पहले बीपीएल परिवारों को 40 रुपये में दो लीटर सरसों का तेल मिलता था, अब इसकी कीमत बढ़ाकर 100 रुपये कर दी गई है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा की नीति स्पष्ट है—गरीबों की जेब पर सीधा हमला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब नायब सरकार ने 40 की जगह 100 रुपये वसूलने का फरमान जारी किया है। गरीब की मूलभूत सुविधाएं छीन लेना भाजपा की प्राथमिकता बन गई है।
उधर, प्रदेश सरकार द्वारा बीपीएल परिवारों को राशन डिपो पर मिलने वाले सरसों के तेल की कीमत 40 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये प्रति लीटर किए जाने पर कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की राज्य कमेटी ने कड़ी आलोचना की है।
माकपा के राज्य सचिव कामरेड प्रेम चंद ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार जनविरोधी फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह में रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में 50 रुपये की वृद्धि की गई थी। भाजपा शासन में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 400 रुपये से बढ़कर 855 रुपये तक पहुंच गई है। पेट्रोल-डीजल के दामों में बार-बार की गई बढ़ोतरी के कारण महंगाई लगातार बढ़ रही है।
प्रेम चंद ने कहा कि हाल ही में टोल प्लाजा के शुल्क में वृद्धि और एक जुलाई से रेल भाड़ों में बढ़ोतरी ने आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। हरियाणा में बिजली की दरों में भी भारी इजाफा किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में असमानता व्यापक स्तर पर बढ़ रही है। यदि हरियाणा की ही बात करें तो प्रदेश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर है।