The government does not want to clash with the farmers, so the CM postponed the visit
- फोटो : Kaithal
सरकार वर्तमान परिस्थितियों में किसानों से किसी तरह का टकराव बढ़ाना नहीं चाहती। इसलिए मुख्यमंत्री ने अपना कैथल दौरा टाला है। कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात को आधार बनाते हुए मुख्यमंत्री हरियाणा ने फिलहाल ये दौरान रद्द किया है।
दरअसल, किसान सीएम के कैथल पहुंचने पर उनके कार्यक्रम और उनका विरोध किए जाने का एलान कर चुके थे। किसानों ने दिल्ली में संयुक्त मोर्चा के नेताओं से इस बारे में अनुमति ले ली थी कि वे चूंकि पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने लठ उठाने वाला जो बयान दिया है, उसके खिलाफ किसानों में आक्रोश है, इसलिए वे कैथल में सीएम का विरोध करेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा से तथाकथित अनुमति मिलने के बाद पूरे प्रदेश भर से किसानों के जत्थे कैथल पहुंचने शुरू हो गए।
जिसकी सूचना मुख्यमंत्री तक पहुंची और मुख्यमंत्री ने शुक्रवार की सुबह माता मनसा देवी मंदिर में बयान जारी किया कि मां ने उन्हें प्रेरित किया है कि वे सभी को शक्ति प्रदान करेंगी। इसीलिए वे कैथल में होने वाले कार्यक्रम में नहीं जाएंगे। उनकी जगह स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता जाएंगे।
दूसरा, मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने उस बयान को वापस ले लिया है, जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं से लठ उठाने की बात कहते हुए सुनाई दे रहे हैं। सीएम ने स्पष्ट किया कि आत्मरक्षा के लिए प्रेरित करने के लिए एक बयान दिया था। जिसको बहुत प्रचारित किया जा रहा है कि सीएम ने लठ उठाने की बात कही है। यह किसी दुर्भावना से बात नहीं की गई है। फिर भी कुछ किसान नेताओं व आंदोलनकारियों को यह बयान रास नहीं आया है। जिस कारण उस बयान का जगह-जगह विरोध कर रहे हैं।
उनके अनुसार मां शक्ति दायिनी ने प्रेरणा दी है, सभी की रक्षा करेंगी। इसीलिए उन किसानों को वे बताना चाहते हैं कि जिनको कष्ट पहुंचा है। वे नहीं चाहते कि हरियाणा में कानून व्यवस्था बिगड़े और शांति भंग हो। आंदोलन सभी का अधिकार है। लेकिन सीमा नहीं लांघनी चाहिए। किसी की गाड़ी नहीं तोड़नी चाहिए। किसी को चोट नहीं पहुंचानी चाहिए। मां से आराधना करते हैं कि वे सभी को सद्बुद्धि दें और हरियाणा में शांतिपूर्ण माहौल बने। प्रदेश में किसानों के लिए अनेकों योजनाएं लागू की हैं।