कैथल। अंतरराष्ट्रीय हिंदी दिवस पर आबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास में साहित्य सृजन मंच के काव्यांजलि कार्यक्रम ने प्रवासी भारतीयों को हिंदी भाषा, साहित्य और संस्कृति से भावनात्मक रूप से जोड़ दिया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि विश्वभर में फैले भारतीयों की सांस्कृतिक पहचान भी है। रविवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ हेड ऑफ चांसरी अर्पित जैन, डॉ. वफा अल मजरूकी, इंजीनियर इस्माइल अल मजरूकी और ललिता मिश्रा द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सभी उपस्थितजनों ने खड़े होकर राष्ट्रगीत का सस्वर गान किया, जिससे दूतावास परिसर देशभक्ति की भावना से गूंज उठा। कलायत निवासी इंजीनियर अवधेश राणा ने मंच से सभी मुख्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। संवाद