कैथल। पंचायत चुनाव की सरगर्मियों के बीच अब कई ऐसी पंचायतें भी है, जो सर्वसम्मति से बनी है। सीवन खंड के गांव कच्ची पिसौल में भी पूरी की पूरी पंचायत सर्वसम्मति से बनी है। सबसे महत्वपूर्ण बात कि यहां किसी भी पद के लिए नामांकन पत्र तक दाखिल नहीं किया गया।
कच्ची पिसौल पंचायत में पहली बार ही सर्वसम्मति से चुनाव हुआ है। यहां की करीब 900 की आबादी है और 820 मतदाता हैं। गांव की सुरजीत कौर को सरपंच चुना गया है। चुनाव की घोषणा से पहले जब कच्ची पिसौल गांव में पंचायती ट्यूबवेल खराब हुआ तो ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए सरपंच बनी सुरजीत के परिवार ने अपने घर और खेत के ट्यूबवेल से करीब छह महीने तक पानी उपलब्ध करवाया। पंचायती ट्यूबवेल ठीक होने तक ग्रामीणों ने ऐसे ही पानी लिया।
इस कारण ही ग्रामीणों ने अपनी सर्वसम्मति से सरपंच चुनकी चौधर दी। सरपंच के प्रयासों के बाद गांव में बनने वाले सभी सातों पंचों में सर्वसम्मति बनी। गांव में किसी भी एक पद के लिए कोई नामांकन पत्र तक दाखिल नहीं किया गया। सरपंच के साथ ही गांव में सर्वसम्मति से कर्मजीत कौर, सुनीता देवी, बलविंद्र सिंह, गोविंदा, अर्शप्रीत कौर, सुरेंद्र पाल और बलविंद्र पंच बने हैं।
विदेश की तर्ज पर गांव का विकास करने का एलान
गांव नवनियुक्त सरपंच सुरजीत कौर ने कहा कि उसका छोटा बेटा यशकरण सिंह अमेरिका में रहता है। वह अपने गांव का विकास विदेशों की तर्ज पर करना चाहती हैं। इसमें गांव में सीसीटीवी से लेकर गांव में चौपाल और सामुदायिक केंद्र बनाएंगे। सरपंच ने कहा कि उनका यही प्रयास है कि गांव के विकास के लिए सरकार जो भी ग्रांट दें। उस पूरी ग्रांट को ही वह गांव में विकास करवाने के लिए लगाए। उन्होंने कहा कि इस समय गांव में गलियां कच्ची हैं। श्मशान घाट में न तो शेड है और न ही कोई चहारदीवारी है। सबसे पहले इन कार्यों को पूरा करवाया जाएगा।