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Kaithal News: पश्चिमी विक्षोभ का असर कम, अब चढ़ेगा पारा

Wed, 07 May 2025 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। शहर में मौसम एक बार फिर से बदलने जा रहा है। आगामी दिनों में तापमान तेजी से बढ़ने की संभावना है। धूल भरी आंधी व ओलावृष्टि से भी मौसम में बदलाव होने की संभावना है। बीते कई दिनों से तेज हवाओं और बारिश के दौर के बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ना शुरू हो गया है। अब बदले हुए मौसम का असर पूर्वी व पश्चिमी के कुछ हिस्सों तक सिमट कर रह गया है।

ऐसे में बुधवार को भी जिले में गरज चमक के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक बाकी हिस्सों में बादलों की आवाजाही का दौर खत्म होगा और पारा चढ़ने के साथ गर्मी फिर से पडे़गी।
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आंधी-बारिश ने पिछले 10 दिनों के बीच बीते रविवार को दूसरी बार कहर बरपाया। बेमौसम हुई बारिश, आंधी और ओलावृष्टि के चलते कई हिस्सों में तबाही हुई जिसके चलते कहीं पेड़ गिर गए तो कहीं पोल ढह गए। कहीं पर मकानों का कुछ हिस्सा धराशायी हो गया। मौसम विभाग ने 8 मई तक तक बारिश, तूफान और आंधी का अलर्ट जारी किया है। शहर में गरज के साथ बारिश और 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान जताया है।

इससे पहले पिछले सप्ताह वीरवार को आई तेज बारिश व आंधी व तूफान ने मौसम में एकदम बदलाव हुआ था। इसके बाद गर्मी से थोड़ी राहत मिली थी। बारिश के बाद शहर में तापमान में सात से सात डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है। बारिश के कारण रविवार को तापमान में कमी दर्ज की गई। इस दौरान अधिकतम 36.4 और न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

बारिश से बेल वाली सब्जियों के खराब होने का खतरा है। बारिश के बाद शहर के कई निचले हिस्सों में जलभराव भी हो गया। जिस कारण आमजन को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं, उठान की गति धीमी होने के कारण अभी भी शहर की तीनों अनाज मंडियों में गेहूं की बोरियां खुले में पड़ीं हैं।

इससे पहले पिछले सप्ताह वीरवार को आई तेज बारिश व आंधी व तूफान ने मौसम में एकदम बदलाव हुआ था। इसके बाद गर्मी से थोड़ी राहत मिली थी। बारिश के बाद शहर में तापमान में सात से सात डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है। वहीं, अनाज मंडियों में रखी गेहूं की बोरियां भीग गई हैं जिससे किसानों को चिंता सताने लगी है।
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दूसरी ओर बारिश के बाद बेल वाली सब्जियों के खराब होने का खतरा है। दरअसल बारिश के बाद सीवन और शहर के कई निचले हिस्सों में जलभराव भी हो गया। जिस कारण आमजन को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं, उठान की गति धीमी होने के कारण अभी भी शहर की तीनों अनाज मंडियों में गेहूं की बोरियां खुले में पड़ीं हैं।
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