भूमिगत जल के अंधाधुंध दोहन, कीटनाशकों और खादों के अत्यधिक प्रयोग पर हुई परिचर्चा में लोगों ने इसके दुष्प्रभाव बताए और इससे निपटने का रास्ता खोजने की कोशिश की।
गांव प्रेमपुरा के निवासी और वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम सिंह मुल्तानी, प्रमुख ब्राह्मण नेता आरडी शर्मा, नंबरदार श्याम सरदाना और सीवन सहकारी समिति के पूर्र्व चेयरमैन सतीश सरदाना ने कहा कि फसलों एवं सब्जियों में डाले जाने वाली खादों व कीटनाशक दवाओं के कारण धीरे-धीरे हमारे भूमिगत जलस्तर और वायु में जहर घुलता जा रहा है।
रासायनिक खादों और कीटनाशक दवाओं से उत्पन्न इस भयावह खतरे से हम पूरी तरह से अनभिज्ञ हैं, यदि हम अब भी नहीं संभले तो हमारी आने वाली पीढ़ियां स्वच्छ पानी और वायु तक को तरस जाएंगी। इस समस्या से निपटने के लिए आवश्यक है कि हम फसलों एवं सब्जियों में डाले जाने वाली खादों और कीटनाशक दवाओं की मात्रा को कम करें।