संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/कलायत। चैत्र नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा को लेकर शहर में आस्था का अद्भुत माहौल देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी माता मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं और दिनभर भक्त माता के दर्शन के लिए उमड़ते रहे। श्रद्धालुओं ने मां को भोग लगाकर सुख-समृद्धि मांगी।
इस अवसर पर मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की मालाओं और आकर्षक सजावट से विशेष रूप से सजाया गया था। जैसे ही सुबह की आरती शुरू हुई, मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु परिवार सहित पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते नजर आए। भीड़ को देखते हुए मंदिर समितियों ने पुख्ता व्यवस्थाएं की थीं। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पानी और छाया की समुचित व्यवस्था की गई। भक्तों ने मां कालरात्रि को प्रसन्न करने के लिए हलवा-पूरी, फल और मिठाइयों का भोग अर्पित किया। मान्यता है कि मां कालरात्रि की पूजा से भय और संकट दूर होते हैं, इसलिए भक्त पूरे श्रद्धा भाव से उनके चरणों में नतमस्तक हुए।
श्रद्धालुओं से बातचीत
श्रद्धालु मीना देवी ने बताया कि वह हर वर्ष नवरात्र में दर्शन करने आती हैं और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं। वहीं संदीप कुमार ने कहा कि मां के दरबार में आने से मन को शांति मिलती है और हर मनोकामना पूरी होती है।
काली माता मंदिर के पुजारी रमन पुरी के अनुसार, मां कालरात्रि शक्ति का स्वरूप हैं और उनकी पूजा से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। इस दिन सच्चे मन से आराधना करने पर जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रशासन भी सतर्क रहा और मंदिरों के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा-अर्चना कर सुख-शांति की कामना की।
उधर, कलायत के श्री कपिल मुनि मंदिर परिसर में स्थित मां कात्यायनी व मां काली के मंदिरों में सातवें दिन भक्तों की भारी भीड़ रही।
श्रद्धालुओं ने सातवें नवरात्र को महाकाली मंदिर में मां कालरात्रि की पूजा की। पुजारी संजय शास्त्री ने बताया की मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा प्रबंध किया गया है।