कैथल। शिक्षा का अधिकार अधिनियम और मान्यता संबंधी नियमों की अनुपालना नहीं करने वाले निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। डिप्टी डीईओ ने माना कि जिले के 150 से अधिक निजी स्कूलों के एमआईएस यानी मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम पोर्टल बंद कर दिए गए हैं। हालांकि अभी तक विभाग की ओर से इन स्कूलों की सूची जिला स्तर पर साझा नहीं की गई है।
अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई मुख्यालय स्तर से की गई है। उप जिला शिक्षा अधिकारी जयभगवान ने बताया कि जिन स्कूलों के एमआईएस बंद किए गए हैं, उनमें ऐसे निजी स्कूल शामिल हैं जिन्होंने शिक्षा का अधिकार कानून के तहत आर्थिक रूप से कमजोर व वंचित वर्ग के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों का विवरण पोर्टल पर दर्ज नहीं किया।
विभाग की ओर से कई बार निर्देश जारी किए गए लेकिन इसके बावजूद कई स्कूलों ने अनुपालन नहीं किया। इसके अलावा ऐसे स्कूल भी कार्रवाई की जद में आए हैं, जिनकी मान्यता का 10 वर्ष बाद होने वाला अनिवार्य रिव्यू लंबित है। इस प्रक्रिया के तहत स्कूलों को भवन, स्टाफ, सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं और अन्य मान्यता संबंधी जरूरी दस्तावेज विभाग को उपलब्ध कराने होते हैं। बड़ी संख्या में स्कूल समय पर आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करा सके, जिसके कारण उनके एमआईएस बंद किए गए हैं।
निजी स्कूलों को आ रही परेशानी
एमआईएस बंद होने के बाद संबंधित स्कूलों में विद्यार्थियों के दाखिले, स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र जारी करने सहित कई ऑनलाइन कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इससे स्कूल संचालकों की चिंता बढ़ गई है और वे विभाग से पोर्टल दोबारा शुरू कराने के प्रयास कर रहे हैं।
नियमों का पालन करने वाले न करें चिंता :
उप जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन निजी स्कूलों ने सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए हैं और विभाग के सभी नियमों का पालन किया है, उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं है। उन्होंने सभी निजी स्कूल संचालकों से अपील की कि वे आरटीई के तहत आरक्षित सीटों का विवरण समय पर पोर्टल पर दर्ज करें और मान्यता से संबंधित सभी दस्तावेज निर्धारित समय में उपलब्ध कराएं, ताकि विभाग को भविष्य में इस तरह की कार्रवाई करने की आवश्यकता न पड़े।
गलत तरीके से बंद कर दिए हैं : कुलदीप बिढ़ाण
निजी स्कूल संचालक संघ के प्रधान कुलदीप बिढ़ाण का कहना है कि एमआईएस पोर्टल पर तकनीकी खामियों के कारण कुछ स्कूल समय पर सीटों का ब्यौरा दर्ज नहीं कर पाए थे लेकिन विभाग ने बिना किसी जानकारी के गलत तरीके से पोर्टल ही बंद कर दिया है। इससे स्कूलों के दाखिले व एसएलसी सहित अन्य जरूरी काम भी अटक गए हैं। अन्य जिलों में ऐसा नहीं है और वहां पर सिर्फ उन्हीं स्कूलों के एमआईएस बंद किए गए हैं जिनके पास मान्यता ही नहीं या फिर मान्यता के संबंध में कोई कागजात ही नहीं है। कैथल जिले में 162 स्कूलों पर यह कार्रवाई की गई है जो गलत है और इस विषय के लिए डीईईओ के साथ शुक्रवार को बैठक है उसमें भी वे लोग अपना पक्ष रखेंगे।