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Kaithal News: टैब न लौटाने वाले विद्यार्थी का परिणाम और डीएमसी रोकेगा विभाग

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​शिक्षा विभाग में जमा कराए गए टैब। संवाद
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कैथल। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के बच्चों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के लिए टैबलेट दिए थे, इनकी रिकवरी अब विभाग के लिए सिरदर्द बन गई है। जिले में वितरित किए गए कुल 27,600 टैबलेट में से बड़ी संख्या में गायब और क्षतिग्रस्त मिले हैं। अब तक 69 विद्यार्थी ऐसे सामने आए हैं, जिन्होंने टैब गुम होने की बात कही। इनमें से 18 मामलों में अभिभावकों ने पुलिस थानों में प्रापर्टी लोस की प्राथमिकी दर्ज करवाई है। शेष गायब 51 टैबलेट्स को लेकर भी एफआईआर करवाई जाएगी। संख्या इनसे ज्यादा ही हो सकती है, क्योंकि अभी कई टैब आना बाकी हैं। इससे विभाग को आर्थिक नुकसान हुआ है। अब शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अख्तियार किया है। विभाग द्वारा जारी एसओपी के अनुसार, जो छात्र निर्धारित समय सीमा तक अपना टैबलेट, चार्जर और अन्य एक्सेसरीज जमा नहीं कराएंगे या जिनका टैब गुम हो चुका है, उनका वार्षिक परिणाम और डीएमसी यानी विस्तृत अंक पत्र रोक दिया जाएगा। इसके अलावा, ऐसे छात्रों को स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र आदि भी जारी नहीं किया जाएगा।
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1000 टैब लौटे क्षतिग्रस्त, लाखों का चूना

चौंकाने वाली बात यह है कि करीब 1000 टैबलेट बच्चों ने क्षतिग्रस्त हालत में विभाग को लौटाए हैं। इनमें से कई की स्क्रीन टूटी हुई है तो कई सॉफ्टवेयर के साथ छेड़छाड़ के कारण चालू स्थिति में नहीं हैं। कई की बैटरी डैमेज हो चुकी है। टैबलेट की इस दुर्गति से सरकार को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में डिवाइस अनुपयोगी पाए गए हैं, जिससे योजना की सफलता पर सवाल उठ रहे हैं। बता दें कि 12वीं कक्षा की परीक्षा दे रहे सभी बच्चों को टैब जमा कराने हैं। जो विद्यार्थी 10वीं में हैं और उसी सरकारी स्कूल में अगली कक्षा में पढ़ेंगे या 11वीं में हैं और उसी स्कूल में पढ़ेंगे, उनको जमा नहीं कराने हैं।


जिले में टैबलेट की स्थिति
- 10वीं से 12वीं के बच्चों को कुल 27600 टैब दिए गए हैं।
- इनमें 10वीं कक्षा के बच्चों के पास 10269 टैब हैं। इनमें से 3300 वापस आए हैं।
- 11वीं कक्षा के बच्चों के पास 9031 टैब हैं।
- 12 कक्षा के बच्चों के पास 8300 टैब हैं। सभी वापस आ गए हैं।

ये भी ध्यान दें
- विद्यार्थियों को 25 मार्च तक टैबलेट हर हाल में जमा कराने होंगे।
- कुल 27,600 टैबलेट वितरित किए गए थे।

- टैब गुम होने की स्थिति में अभिभावकों को थाने में एफआईआर दर्ज कर उसकी कॉपी विभाग में जमा करानी होगी।

- स्कूल प्रिंसिपल्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना टैबलेट वापसी के किसी भी छात्र के दस्तावेज जारी न करें, अन्यथा वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।

जिला गणित विशेषज्ञ छत्रपाल ने बताया कि अब तक 69 टैब गुम होने की बात अभिभावकों ने बताई है। इनकी तरफ से 18 प्राथमिकी दर्ज कराई गई हैं और बाकी भी कराई जाएंगी। विभाग की एसओपी के अनुसार उक्त बच्चों की आगामी आदेश तक परिणाम और डीएमसी रोकी जाएगी।

शिक्षा विभाग में जमा कराए गए टैब। संवाद

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