संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कोरोना महामारी के दौरान 2020 में जींद–कुरुक्षेत्र मार्ग पर बंद की गई पैसेंजर गाड़ियों को बहाल करवाने के लिए देवभूमि रेलयात्री अधिकार संघर्ष समिति लगातार प्रयासरत है। इस विषय को लेकर संघ के सदस्य सांसद, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री और डीआरएम तक अपनी गुहार लगा चुके हैं।
समिति के सदस्यों राम कुमार नायक, रोहताश धानिया और रविशंकर कौशिक ने बताया कि कोरोना काल से पहले चल रही रेलगाड़ियों में से दो पैसेंजर ट्रेनें, नंबर 54039 और 54042, आज तक बहाल नहीं की गईं। ये दोनों गाड़ियां जाखल, मानसा, बठिंडा, गंगानगर, लुधियाना, दिल्ली, रेवाड़ी और पानीपत से मेल करती थीं, जिससे यात्रियों को काफी सुविधा मिलती थी। इन गाड़ियों के बंद होने से आम जनता और विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों को भारी परेशानी हो रही है।
सांसद नवीन जिंदल पहले ही आश्वासन दे चुके हैं, लेकिन बावजूद इसके ये ट्रेनें बहाल नहीं हुई हैं। रविशंकर कौशिक ने कहा कि साबरमती एक्सप्रेस के कलायत में ठहराव की मांग भी पुरानी है। यदि यह ठहराव हो जाए तो क्षेत्रवासियों को चंडीगढ़ व रोहतक में पीजीआई की सुविधाएं उपलब्ध होंगी और सालासर व बालाजी की धर्मयात्रा पर जाने वाले यात्रियों को भी लाभ मिलेगा।
इसके अलावा, अंदौरा–अंबाला से हिसार चलने वाली रेलगाड़ी नंबर 64563 और 64564 का भी कलायत में ठहराव नहीं किया गया है, जिससे रेलयात्रियों में निराशा व्याप्त है। बंद गाड़ियों की बहाली और एक्सप्रेस ट्रेनों में ठहराव की मांग को लेकर समिति के सदस्य फिर से सांसद नवीन जिंदल और डीआरएम अंबाला से मिलेंगे।