संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। करंट से कांवड़ियों की मौत के बाद दोनों के परिजनों के हाल बेहाल हैं। कुलदीप के परिजनों ने बताया कि कुलदीप की मौत ने उनके परिवार झकझोर कर दिया है। बताया कि कुलदीप की तीन बहनें हैं और वे दो भाई थे। कुलदीप अपने भाई-बहनों में सबसे छोटा था। बताया कि बेटियों की शादी हो चुकी है।
अविवाहित कुलदीप इस समय बीए की पढ़ाई कर रहा था और साथ में शटरिंग का काम कर अपना खर्च स्वयं चलाता था। वह तो खेतीबाड़ी करते हैं। हादसे में उसने एक बेटे को खो दिया।
वहीं, लखन के परिजनों ने बताया कि उसके पास तीन बच्चे हैं। लखन भाई-बहनों में मंझला था। उसकी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। छोटा भाई पढ़ाई करता है। वह तो मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। बताया कि बेटा लखन फर्नीचर का काम सिख रहा था। इस काम के जरिए ही वह अपना और परिवार का भी खर्चा चला रहा थाा। इस हादसे ने उसका सब कुछ छीन लिया है।
लोकेशन ट्रेस करने के दौरान हुई घटना
बताते हैं कि हादसे के समय कांवड़िये आगे जा चुके साथियों द्वारा गूगल मैप पर भेजी गई लोकेशन को ट्रैस करते हुए जा रहे थे। इस कारण वह कांवड़ मार्ग से रास्ता भटक गए और हादसे का शिकार बन गए। दरअसल, इनके कुछ साथी शाहजहांपुर पहुंच गए थे। उन्होंने ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे आ रहे अपने साथियों को एक कांवड़ शिविर की लोकेशन भेज दी। कांवड़ियों ने गूगल मैप के हिसाब से हाईवे से सरसावा आने के लिए ग्राम अहमदपुर के समीप सर्विस रोड पर ट्रैक्टर-ट्रॉली उतार दी, जो गलत रूट था।