संवाद न्यूज एजेंसी
कसान। चौशाला गांव को कलायत शहर से जोड़ने वाली मुख्य सड़क इन दिनों बदहाल स्थिति में है। मार्ग पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन चुके हैं और कई हिस्से पूरी तरह उखड़ गए हैं। इसी सड़क से ग्रामीण अपने दैनिक कार्य, स्कूल, अस्पताल और बाजार तक पहुंचते हैं, लेकिन खराब हालात के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि वाहनों को रेंग-रेंग कर चलाना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। गड्ढों के कारण बाइक और छोटे वाहन फिसलने का जोखिम बना रहता है। बरसात के दौरान जलभराव से स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे सुरक्षित यात्रा करना कठिन हो जाता है।
यह मार्ग कसान, बालू, चौशाला और रामगढ़ पांडवा गांवों से होकर कलायत शहर तक जाता है। चारों गांवों के लोग नियमित रूप से इस सड़क का उपयोग करते हैं, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि किसी भी हिस्से में मरम्मत नहीं की गई। परिणामस्वरूप लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की हानि हो रही है।
ग्रामीण सुरेंद्र भाल ने बताया कि वे कई बार कलायत एसडीएम को लिखित रूप से सड़क की दयनीय स्थिति से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं चौशाला निवासी अमित कुमार ने कहा कि मुख्य बस अड्डे पर उनकी हलवाई की दुकान है। टूटी सड़क से गुजरते वाहनों के कारण उड़ने वाली धूल और मिट्टी से उनकी मिठाइयां प्रभावित हो रही हैं, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की मरम्मत करवाई जाए। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो न केवल आमजन की दिनचर्या प्रभावित होगी, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहेगी। सड़क के दुरुस्त होने से आवागमन सुगम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।