कैथल। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग कैथल ने एक फैसले में बीमा कंपनी की ओर से खारिज किए गए बीमा दावे को सही ठहराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में निर्णय सुनाया है। आयोग ने माना कि बीमा कंपनी अपने आरोपों को साबित करने में असफल रही और दावा अस्वीकार करना सेवा में कमी (डिफिशिएंसी इन सर्विस) है।
आयोग ने शिकायत स्वीकार करते हुए बीमा कंपनी को 1,59,143 रुपये की दावा राशि, 5,000 रुपये मानसिक कष्ट और उत्पीड़न के मुआवजे और 5,000 रुपये मुकदमा खर्च के रूप में अदा करने के आदेश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि बीमा कंपनी 45 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करे। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं करने पर पूरी राशि पर आदेश की तिथि से भुगतान तक 7 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज देना होगा। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि आदेश की अवहेलना होने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 72 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।