कैथल। हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने एक उपभोक्ता को एक साल तक बिजली बिल न भेजने पर उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम कैथल के अधिकारियों को 5000 रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। यह मुआवजा सेवा अधिकार अधिनियम, 2014 की धारा 17(1)(एच) के तहत अधिकतम सीमा में लगाया गया है।
गौरतलब है कि उपभोक्ता को मीटर लगने के बाद भी लगभग एक साल तक बिजली का बिल नहीं भेजा गया। मामले की जांच में सामने आया कि तत्कालीन एसडीओ ने लॉगिन आईडी का दुरुपयोग कर कनेक्शन रद्द किया और वर्तमान एसडीओ ने भी आयोग को अधूरी जानकारी भेजी। आयोग ने संबंधित सीए को चेतावनी जारी की है।
आयोग ने निगम को आदेश दिए हैं कि उपभोक्ता को छह किस्तों में बिल भुगतान की सुविधा दी जाए और 5000 रुपये की मुआवजा राशि उपभोक्ता के बिल में समायोजित की जाए।
यह राशि निगम पहले स्वयं अदा करेगा और बाद में संबंधित अधिकारियों से वसूली करेगा। एक्सईएन (ओपी), कैथल को 31 जुलाई 2025 तक अनुपालन रिपोर्ट आयोग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद